लखनऊ (07 मई 2026)। उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर लंबे समय तक उठते रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब प्रदेश में नौकरी पाने का एकमात्र आधार योग्यता है, न कि सिफारिश, पैसा या राजनीतिक पहुंच।
लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के तहत चयनित 481 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाया है, जिससे भ्रष्टाचार और लीकेज की संभावनाएं लगभग समाप्त हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के “मिशन रोजगार” अभियान के तहत राज्य सरकार लगातार बड़े स्तर पर रोजगार उपलब्ध करा रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और पूरी प्रक्रिया में कहीं भी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ी।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में पुरानी भर्ती व्यवस्थाओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले कई जगहों पर भर्तियां जाति, क्षेत्र, मत और पैसों के प्रभाव में होती थीं, जिसका नुकसान योग्य युवाओं को उठाना पड़ता था। उनके मुताबिक यदि किसी योग्य अभ्यर्थी की जगह रिश्वत देकर कोई व्यक्ति नौकरी हासिल कर लेता है, तो वह वर्षों तक पूरी व्यवस्था को कमजोर करता है। इसी सोच के साथ सरकार ने शुरुआत से ही भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी।
15 दिनों में चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 15 दिनों के भीतर यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की तेज भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक इच्छाशक्ति का उदाहरण बताया। सीएम ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष भर्ती की कल्पना करना भी कठिन माना जाता था, लेकिन अब तकनीक और जवाबदेही के कारण योग्य युवाओं को सीधे अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इन संस्थाओं ने पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक सरकारी नियुक्तियां देने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है।
“पहले यूपी की छवि अलग थी, अब perception बदल चुका है”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान भ्रष्टाचार, गुंडाराज और अव्यवस्था से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के दूसरे हिस्सों में यूपी का नाम सुनते ही लोग संदेह की नजर से देखते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
उनके अनुसार अब उत्तर प्रदेश निवेश, कानून व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए जाना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय, वार्षिक बजट और समग्र अर्थव्यवस्था में बीते वर्षों में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
MSME सेक्टर में रोजगार का बड़ा विस्तार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक और रोजगार ढांचे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिनसे 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि बीते वर्ष प्रदेश में 4000 से अधिक बड़े उद्योग आए, जबकि पिछले नौ वर्षों में बड़े उद्योगों की संख्या 14 हजार से बढ़कर 32 हजार के पार पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, वह अब शीर्ष राज्यों में अपनी जगह बना रहा है।
आयुष और स्किल डेवलपमेंट पर सरकार का फोकस
सीएम योगी ने कहा कि आयुष क्षेत्र में हेल्थ टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इसे गांवों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मजबूत बनाने, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने और औषधीय पौधों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने पर सरकार काम कर रही है।
इस कार्यक्रम में आयुष विभाग के 202 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें प्राध्यापक, चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स शामिल रहे।
वहीं व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से औद्योगिक निवेश का केंद्र बन रहा है। ऐसे में उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल्ड मैनपावर तैयार करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 से अधिक आईटीआई संस्थानों को आधुनिक बनाया गया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग जैसे आधुनिक विषयों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर विभाग के 272 ट्रेंड अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को समाज की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है, जरूरत सिर्फ सही अवसर और मंच देने की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण के तहत पेंशन सुविधा, विशेष विश्वविद्यालयों की स्थापना और कमिश्नरी स्तर पर सहायता केंद्रों की शुरुआत जैसे कई कदम उठाए हैं।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, नरेन्द्र कुमार कश्यप, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।












