राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

CM योगी बोले- 2017 से पहले यूपी को शक की नजर से देखते थे, आज दुनिया स्वागत करने को तैयार

On: May 7, 2026
Follow Us:
CM योगी बोले- 2017 से पहले यूपी को शक की नजर से देखते थे, आज दुनिया स्वागत करने को तैयार
---Advertisement---

लखनऊ (Thu, 07 May 2026)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की बदली हुई छवि का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य को भ्रष्टाचार, गुंडाराज और अराजकता के लिए जाना जाता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का “ग्रोथ इंजन” बन चुका है। उन्होंने कहा कि कभी विदेशों में यूपी के लोगों को संदेह की नजर से देखा जाता था, जबकि आज दुनिया उत्तर प्रदेश का स्वागत करने के लिए खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने यह बातें आयुष, व्यावसायिक शिक्षा एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभागों में चयनित 481 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहीं। पिछले 15 दिनों में यह चौथा मौका था जब मुख्यमंत्री अलग-अलग विभागों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र देने पहुंचे।

CM योगी ने पिछली सरकारों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले नियुक्तियों में जाति, मजहब, क्षेत्र और पैसे को प्राथमिकता दी जाती थी। भ्रष्टाचार और अपराधीकरण ने प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाया और उत्तर प्रदेश को “बीमारू राज्य” की श्रेणी में ला खड़ा किया।

उन्होंने कहा, “जब नीति स्पष्ट हो और नीयत साफ हो तो परिणाम भी सकारात्मक आते हैं। आज उत्तर प्रदेश निवेश, रोजगार और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।”

सीएम योगी ने दावा किया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पिछले कुछ वर्षों में तीन गुना तक बढ़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय 96 लाख एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बीते वर्ष प्रदेश में करीब 4000 बड़े उद्योगों ने निवेश किया।

आयुष और स्किल डेवलपमेंट को बताया भविष्य की जरूरत

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग में चयनित 202 शिक्षकों, चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रही हैं और उत्तर प्रदेश हेल्थ टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है।

उन्होंने औषधीय पौधों, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।

वहीं व्यावसायिक शिक्षा विभाग को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार टाटा समूह के सहयोग से लगभग 150 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब प्रदेश के युवाओं के पास कौशल आधारित प्रशिक्षण हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में नए कोर्स शुरू किए गए हैं ताकि युवाओं को रोजगार से सीधे जोड़ा जा सके।

दिव्यांगजनों की प्रतिभा पर भी बोले CM योगी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों में भी प्रतिभा और भावनाएं होती हैं, इसलिए समाज को उन्हें अपनापन देना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने कानपुर की उस मूक-बधिर बच्ची का जिक्र भी किया, जो कुछ समय पहले घर से निकलकर विधानसभा पहुंच गई थी और उनका चित्र बना रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्ची की भावनाओं को समझते हुए उसका इलाज कराया गया और अब वह सुन और बोल पा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विशेष केंद्र भी खोले गए हैं।

कार्यक्रम में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल और पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने नव चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now