ऋषिकेश/लखनऊ(Fri, 08 May 2026): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे तो वहां सिर्फ एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि गांव का अपना बेटा दिखाई दिया। धार्मिक अनुष्ठान और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद जब उन्होंने ग्रामीणों से गढ़वाली बोली में कहा — “सब भात खैकन जरूर जाईं” — तो माहौल भावुक हो उठा। लोगों को लगा कि प्रदेश की सत्ता संभालने के बावजूद योगी अपनी जड़ों और स्थानीय संस्कृति को नहीं भूले हैं।
पंचूर गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हुए। मंदिर परिसर में यज्ञ और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के बाद पारंपरिक सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान सीएम योगी ने लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी को भोजन करने का आग्रह किया।
CM योगी आदित्यनाथ का गढ़वाली अंदाज ग्रामीणों को छू गया
ग्रामीणों का कहना है कि टीवी और बड़े मंचों पर दिखाई देने वाले मुख्यमंत्री का यह सरल और घरेलू रूप उनके दिल को छू गया। कार्यक्रम में मौजूद राहुल और सरोजनी देवी समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि पंचूर जैसे छोटे गांव से निकलकर देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश का नेतृत्व करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति से रुककर बातचीत की, हालचाल पूछा और पूरी आत्मीयता के साथ संवाद किया। खास बात यह रही कि उन्होंने स्थानीय गढ़वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे लोगों को अपनापन महसूस हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ जब भी यमकेश्वर क्षेत्र आते हैं, तब विकास, खेती और गांव से जुड़े मुद्दों पर जरूर बात करते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें केवल नेता नहीं, बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।
बंजर खेतों और पलायन पर जताई चिंता
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते पलायन और खाली होते खेतों को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि खेती छोड़कर शहरों की ओर जाने की बजाय गांव में रहकर स्वरोजगार और कृषि को मजबूत करना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि पहाड़ की जमीन केवल खेती का साधन नहीं, बल्कि पहचान और संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने खेतों को दोबारा उपजाऊ बनाएं और आधुनिक व जैविक खेती की ओर बढ़ें।
बाबा रामदेव का उदाहरण देकर जैविक खेती पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने इस दौरान Baba Ramdev का उदाहरण देते हुए ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव लगातार ऑर्गेनिक खेती और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे किसानों के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है और ग्रामीण इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांव, खेती और अपनी माटी से जुड़ाव ही पहाड़ के भविष्य को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री के इस दौरे ने राजनीतिक कार्यक्रम से ज्यादा एक भावनात्मक मुलाकात का रूप ले लिया, जहां सत्ता और गांव के बीच की दूरी काफी हद तक मिटती नजर आई।









