प्रयागराज (14 मई 2026)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड अब पढ़ाई के साथ खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी विशेष प्रोत्साहन देने की तैयारी में है। बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के उन छात्र-खिलाड़ियों को बोनस अंक देने का प्रस्ताव शासन को भेजा है, जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
प्रस्ताव के मुताबिक खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पांच से लेकर 20 अंकों तक बोनस मार्क्स दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि इस फैसले से स्कूल स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और छात्र पढ़ाई के साथ खेलों में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
किन छात्रों को मिलेगा बोनस अंक का लाभ
यूपी बोर्ड द्वारा भेजे गए संशोधित प्रस्ताव में साफ किया गया है कि बोनस अंक केवल उन्हीं प्रतियोगिताओं के लिए मान्य होंगे, जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की ओर से आयोजित की गई हों।
इसके तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले वे छात्र पात्र होंगे, जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान हासिल किया हो। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में केवल प्रतिभाग करने वाले छात्रों को भी लाभ देने का प्रावधान रखा गया है।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने शासन को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि संबंधित छात्र के पास प्रतियोगिता का प्रमाणपत्र परीक्षा वर्ष की 31 जनवरी तक उपलब्ध होना जरूरी होगा। इसके बाद प्राप्त प्रमाणपत्रों को मान्य नहीं माना जाएगा।
प्रदर्शन के आधार पर तय होंगे बोनस अंक
योजना के अनुसार राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को पांच बोनस अंक दिए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाले छात्रों को 10 अंक और राष्ट्रीय स्तर पर विजेता बनने वालों को 15 अंक तक मिलेंगे।
वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 15 अंक और वहां प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान हासिल करने वालों को 20 बोनस अंक दिए जाने का प्रस्ताव है। यह सबसे अधिक बोनस अंक होगा।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अलग व्यवस्था
यूपी बोर्ड ने बोनस अंकों को लेकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए अलग व्यवस्था तय की है। हाईस्कूल के छात्रों के बोनस अंक सीधे उनके अंकपत्र और प्रमाणपत्र में दर्शाए जाएंगे।
दूसरी ओर इंटरमीडिएट में अभी ग्रेडिंग व्यवस्था लागू नहीं है, इसलिए वहां बोनस अंक कुल प्राप्तांक में जोड़ दिए जाएंगे। इससे छात्रों की मेरिट और कुल प्रतिशत पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
फेल होने पर भी मिलेगा फायदा
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि यदि कोई खिलाड़ी परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हो जाता है तो बोनस अंक दो विषयों में ग्रेस मार्क्स के रूप में जोड़े जा सकेंगे। हालांकि, एक प्रमाणपत्र पर केवल एक बार ही बोनस अंक दिए जाएंगे।
अगर किसी छात्र के पास एक से अधिक प्रमाणपत्र हैं, तो उनमें से वही प्रमाणपत्र मान्य होगा, जिसके आधार पर अधिकतम अंक मिल रहे हों।
कक्षा 9 और 11 के खिलाड़ियों को भी लाभ
योजना के तहत कक्षा 9 और 11 में खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अगले वर्ष क्रमशः कक्षा 10 और 12 की परीक्षा में बोनस अंक दिए जाएंगे।
हालांकि बोर्ड ने साफ किया है कि यह सुविधा कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों पर लागू नहीं होगी। यानी नियमित परीक्षा में शामिल खिलाड़ियों को ही इसका लाभ मिलेगा।
खेल और शिक्षा के संतुलन की दिशा में बड़ा कदम
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी बोर्ड का यह प्रस्ताव खेल और शिक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि पढ़ाई के साथ खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी अकादमिक स्तर पर प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को भी बड़ा लाभ मिल सकता है, जहां संसाधनों की कमी के बावजूद छात्र राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं।










