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चिलुआताल विकास परियोजना का लोकार्पण: सीएम योगी बोले- जो तालाब कभी अतिक्रमण का शिकार थे, आज बन रहे पर्यटन की पहचान

On: June 2, 2026
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चिलुआताल विकास परियोजना का लोकार्पण: सीएम योगी
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गोरखपुर|02 जून 2026: गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र को पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां 20.39 करोड़ रुपये की चिलुआताल विकास परियोजना के तहत विभिन्न पर्यटन संबंधी निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने तालाबों और जलाशयों के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एक समय था जब ताल-तलैयों और पोखरों पर कब्जा कर उन्हें निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब वही स्थान पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान जलाशयों पर अतिक्रमण आम बात थी। तालाबों को पाटकर निर्माण कर दिए जाते थे, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता था बल्कि ऐसे इलाके धीरे-धीरे गंदगी और अपराध के केंद्र बन जाते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने और उन्हें जनहित में विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है।

चिलुआताल विकास परियोजना से बढ़ेंगी पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं

सीएम योगी ने कहा कि चिलुआताल में प्राकृतिक जल की उपलब्धता इसे पर्यटन विकास के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है। जलाशय के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के बाद यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि हाल ही में रामगढ़ताल में आयोजित राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता में 22 राज्यों के 243 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में आए खिलाड़ियों और अधिकारियों ने रामगढ़ताल की प्राकृतिक सुंदरता और सुविधाओं की सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिलुआताल में भी इसी तरह की अपार संभावनाएं मौजूद हैं और इसे भविष्य में वाटर स्पोर्ट्स के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित होगा चिलुआताल

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की योजना चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित करने की है। इसके तहत इको टूरिज्म, जल क्रीड़ा गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरों का विकास केवल स्मार्ट सिटी बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें सुरक्षित और टिकाऊ भी बनाया जाना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फर्टिलाइजर प्लांट के पुनर्जीवन के बाद इस पूरे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जहां कभी औद्योगिक गतिविधियां बंद थीं, वहीं आज फर्टिलाइजर प्लांट, सशस्त्र सीमा बल (SSB), सैनिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालय जैसी संस्थाएं क्षेत्र की तस्वीर बदल रही हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के नए भवन के लिए भी धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।

ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि चिलुआताल क्षेत्र में 20 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहर की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे पर्यटन स्थलों पर गंदगी न फैलाएं और यदि कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसकी सूचना प्रशासन को दें।

स्वच्छता और पौधरोपण अभियान की भी घोषणा

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में रामगढ़ताल में चलाए गए विशेष सफाई अभियान के दौरान 56 बोरे कचरा निकाला गया था। उन्होंने इसे जनजागरूकता की आवश्यकता का संकेत बताते हुए कहा कि 5 जून से 21 जून तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया जाएगा।

इस दौरान चिलुआताल और रामगढ़ताल के आसपास बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा तथा 4 जून को विशेष सफाई अभियान आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास साथ-साथ चलें, यही सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया और शहर में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

चिलुआताल विकास परियोजना को गोरखपुर के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान देने वाली पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र पूर्वांचल के प्रमुख इको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स केंद्रों में शामिल हो सकता है।

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