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गगनयान मिशन को मिली नई रफ्तार, सेमी-क्रायोजेनिक इंजन टेस्ट में इसरो सफल; 100% क्षमता वाले परीक्षण की तैयारी शुरू

On: June 27, 2026
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गगनयान मिशन को मिली नई रफ्तार, सेमी-क्रायोजेनिक इंजन टेस्ट में इसरो सफल
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बेंगलुरु/27 जून 2026: भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की दिशा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (PHTA) का 175 टन थ्रस्ट स्तर पर सफल हॉट टेस्ट पूरा कर लिया है। इस सफलता के साथ 100 प्रतिशत क्षमता वाले इंजन परीक्षण की राह और मजबूत हो गई है। वहीं, इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि गगनयान मिशन की अधिकांश महत्वपूर्ण तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और मानव मिशन से पहले तीन मानव रहित उड़ानें संचालित की जाएंगी।

गगनयान मिशन के लिए लॉन्च व्हीकल और सुरक्षा प्रणाली तैयार

शनिवार को मीडिया से बातचीत में इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन भारत का अब तक का सबसे उन्नत मानव अंतरिक्ष अभियान है। उन्होंने बताया कि मिशन के लिए लॉन्च व्हीकल की ह्यूमन रेटिंग और सभी जरूरी सुरक्षा प्रणालियों का विकास पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले तीन मानव रहित मिशनों के जरिए सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जाएगी। पहला अनक्रूड मिशन अंतिम तैयारियों के चरण में है और उसकी लॉन्च तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

इंसानों को भेजने से पहले होंगे तीन मानव रहित मिशन

डॉ. नारायणन ने कहा कि मानव अंतरिक्ष मिशन में किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं होती। इसलिए हर तकनीक और सुरक्षा प्रणाली को कई चरणों में परखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन परीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष की यात्रा करें, तब मिशन पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से विश्वसनीय हो।

सेमी-क्रायोजेनिक इंजन टेस्ट बना बड़ी उपलब्धि

इसरो प्रमुख ने हाल ही में सफल हुए सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट को संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस परीक्षण में थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर इंजन के लगभग 90 प्रतिशत थ्रस्ट लोड का सफल परीक्षण किया गया।

उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि पूर्ण इंजन परीक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। साथ ही कई उपग्रह भी लगभग तैयार हैं और उनसे जुड़े आगामी कार्यक्रमों की घोषणा जल्द की जाएगी।

महेंद्रगिरि में 175 टन थ्रस्ट स्तर पर सफल रहा हॉट टेस्ट

इसरो की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 24 जून 2026 को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट आर्टिकल का 175 टन थ्रस्ट स्तर पर सफल हॉट टेस्ट किया गया।

पावर हेड टेस्ट आर्टिकल में इंजन के लगभग सभी प्रमुख सिस्टम शामिल होते हैं, जबकि इसमें थ्रस्ट चैंबर शामिल नहीं होता। परीक्षण के दौरान इंजन के प्रदर्शन और उच्च थ्रस्ट पर उसकी स्थिरता का सफलतापूर्वक आकलन किया गया।

आठवें हॉट टेस्ट में 88 प्रतिशत क्षमता तक पहुंचा इंजन

यह इस परीक्षण श्रृंखला का आठवां हॉट टेस्ट था। इससे पहले वैज्ञानिक 94 टन (करीब 47 प्रतिशत) और 120 टन (करीब 60 प्रतिशत) थ्रस्ट स्तर पर सफल परीक्षण कर चुके थे।

पहली बार इंजन को 175 टन यानी लगभग 88 प्रतिशत क्षमता पर सफलतापूर्वक संचालित किया गया। परीक्षण के दौरान मुख्य टर्बोपंप ने 400 बार और 500 बार आउटलेट प्रेशर पर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन किया।

अब 200 टन यानी 100% क्षमता वाले परीक्षण की तैयारी

इसरो के अनुसार, परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और सभी तकनीकी पैरामीटर अपेक्षाओं के अनुरूप दर्ज किए गए। इस उपलब्धि से वैज्ञानिकों का भरोसा और मजबूत हुआ है कि अब 200 टन यानी 100 प्रतिशत क्षमता वाले इंजन परीक्षण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल विकास भविष्य के भारी प्रक्षेपण यानों और भारत के आगामी मानव अंतरिक्ष अभियानों को नई तकनीकी मजबूती देगा। यही तकनीक आने वाले वर्षों में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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