30 जून 2026|नई दिल्ली: हर नए महीने की शुरुआत कुछ नए बदलाव लेकर आती है और 1 जुलाई 2026 भी इससे अलग नहीं है। इस बार कई ऐसे नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों के खर्च, सरकारी सेवाओं और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संभावित बदलाव से लेकर आधार में ईमेल अपडेट, पासपोर्ट शुल्क, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की समय-सीमा, दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी और कारों की कीमतों तक कई अहम बदलाव लागू होने वाले हैं। यदि आप जुलाई के लिए अपना बजट बना रहे हैं, तो इन अपडेट्स की जानकारी आपके लिए जरूरी है।
LPG सिलेंडर की कीमतों में फिर हो सकता है बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करती हैं। ऐसे में 1 जुलाई को भी घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में बदलाव संभव है।
बीते महीने मध्य-पूर्व में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 53.50 रुपये महंगा हुआ था। हालांकि अब सरकार ने कमर्शियल एलपीजी से जुड़ी कुछ पाबंदियां हटाने का फैसला लिया है, जिससे इस बार कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है। अंतिम कीमतों की घोषणा 1 जुलाई को होगी।
आधार में ईमेल अपडेट अब छह महीने तक मुफ्त
आधार कार्ड धारकों के लिए राहत की खबर है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार से जुड़े ईमेल एड्रेस को अपडेट कराने पर लगने वाला 75 रुपये का शुल्क छह महीने के लिए माफ कर दिया है।
1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता बिना किसी शुल्क के अपना ईमेल एड्रेस अपडेट करा सकेंगे। इससे डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया और आसान होगी।
1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा
विदेश मंत्रालय ने सामान्य और तत्काल (Tatkaal) दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट आवेदन की सेवा शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है। यह संशोधित शुल्क 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। वर्ष 2012 के बाद पासपोर्ट सेवा शुल्क में यह पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
| पासपोर्ट श्रेणी | पुरानी फीस | नई फीस |
|---|---|---|
| 36 पेज (सामान्य) | ₹1,500 | ₹2,500 |
| 36 पेज (तत्काल) | ₹3,500 | ₹5,000 |
| 60 पेज (सामान्य) | ₹2,000 | ₹3,500 |
| 60 पेज (तत्काल) | ₹4,000 | ₹6,000 |
| नाबालिग (36 पेज) | ₹1,000 | ₹1,750 |
| पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) | ₹500 | ₹750 |
ITR भरने की अंतिम तारीख पर रखें नजर
वित्त वर्ष से जुड़े व्यक्तिगत करदाताओं के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित है।
- ITR-1 उन वेतनभोगी लोगों के लिए है जिनकी अतिरिक्त आय केवल बैंक ब्याज तक सीमित है।
- जिनकी आय 50 लाख रुपये से अधिक है या जिनके पास दूसरा मकान, शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश है, उन्हें ITR-2 भरना होगा।
विशेषज्ञ समय रहते रिटर्न दाखिल करने की सलाह देते हैं ताकि विलंब शुल्क और अन्य दिक्कतों से बचा जा सके।
दिल्ली में नई EV पॉलिसी लागू करने की तैयारी
दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है, जिसे 1 जुलाई से लागू किया जा सकता है।
सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च करना है। नई नीति के तहत शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों (Pure EVs) की खरीद और रजिस्ट्रेशन पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है।
कार खरीदना भी पड़ सकता है महंगा
यदि आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जुलाई से पहले फैसला करना फायदेमंद हो सकता है।
किआ मोटर्स ने अपनी कारों की कीमतों में 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वहीं टाटा मोटर्स भी अपने पेट्रोल-डीजल (ICE) और इलेक्ट्रिक (EV) मॉडल्स की कीमतों में करीब 1.5 प्रतिशत तक इजाफा कर सकती है। बढ़ती उत्पादन लागत और इनपुट खर्च को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
पेट्रोरसायन आयात पर शुल्क छूट 15 जुलाई तक बढ़ी
सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए करीब 40 महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर शून्य सीमा शुल्क (Zero Customs Duty) की छूट 15 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है।
यह राहत पहले 30 जून तक ही लागू थी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, दवा, रसायन और ऑटोमोबाइल कलपुर्जा उद्योगों को कच्चे माल की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर और पॉलीब्यूटाडाइन जैसे कई प्रमुख पेट्रोरसायन उत्पाद इस छूट के दायरे में शामिल हैं।
क्या आम लोगों पर पड़ेगा असर?
1 जुलाई से लागू होने वाले ये बदलाव अलग-अलग वर्गों को अलग तरह से प्रभावित करेंगे। जहां आधार ईमेल अपडेट जैसी सुविधा लोगों को राहत देगी, वहीं पासपोर्ट शुल्क और कारों की बढ़ती कीमतें अतिरिक्त खर्च बढ़ा सकती हैं। एलपीजी की नई कीमतों और दिल्ली की EV पॉलिसी पर भी आम लोगों की नजर रहेगी, क्योंकि इनका सीधा असर मासिक बजट और भविष्य की खरीदारी पर पड़ सकता है।












