लखनऊ|06 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की पहल अब बड़े स्तर पर असर दिखाने लगी है। यूपी ईवी सब्सिडी योजना के तहत राज्य सरकार अब तक 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित कर चुकी है। इस योजना का लाभ 43,218 से अधिक उपभोक्ताओं को मिला है, जिससे प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को नई गति मिली है। सरकार का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।
यूपी ईवी सब्सिडी योजना से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला बड़ा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में परिवहन विभाग द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना राज्य में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ सीधे बैंक खातों में दिया जा रहा है। इससे वाहन खरीदने की शुरुआती लागत कम हुई है और आम लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है।
परिवहन मंत्री बोले- वैश्विक तेल संकट में ईवी सबसे बेहतर विकल्प
प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार, ईवी के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही वायु प्रदूषण कम होने से लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
96 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत, 43,218 उपभोक्ताओं को मिली सब्सिडी
परिवहन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है।
इनमें से सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 43,218 लाभार्थियों को ईवी क्रय सब्सिडी का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया गया है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी हुई है और लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के सहायता मिल रही है।
तीन वर्षों में 210 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता
योजना शुरू होने के बाद लगभग तीन वर्षों में सरकार ने 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम हुआ है और अधिक लोग ईवी अपनाने के लिए प्रेरित हुए हैं।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन और स्वीकृत मामलों का लाइव काउंटर भी उपलब्ध कराया है, जहां आवेदनों की स्थिति और आंकड़ों की जानकारी देखी जा सकती है।
दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला सबसे अधिक लाभ
ईवी सब्सिडी योजना का सबसे अधिक फायदा इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिल खरीदने वालों को मिला है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक 61,417 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन इस योजना के दायरे में आ चुके हैं।
दैनिक उपयोग, कम परिचालन लागत और ईंधन की बचत के कारण दोपहिया ईवी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए सरकार ने अपनी योजना में 2 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों तक सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
चारपहिया, ई-बस और मालवाहक वाहनों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार की योजना केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं है। इसके तहत 25 हजार इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन, 400 ई-बस और 1,000 ई-गुड्स कैरियर (मालवाहक वाहन) को भी सब्सिडी देने का लक्ष्य तय किया गया है।
सरकार का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार होने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा, वायु गुणवत्ता बेहतर बनेगी और उत्तर प्रदेश स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।









