लखनऊ, 05 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार की फ्री IAS-PCS कोचिंग योजना युवाओं के बीच लगातार लोकप्रिय हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना के लिए रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, पंजीकृत 10,167 अभ्यर्थियों में से 6,844 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार परीक्षा में 67.3 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति दर्ज की गई, जो योजना के प्रति युवाओं के बढ़ते विश्वास और उत्साह को दर्शाती है।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सपनों के बीच बाधा न बने।
18 मंडलों के 29 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से हुई परीक्षा
समाज कल्याण विभाग की ओर से 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के 18 मंडलों में स्थापित 29 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। विभाग ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कर उन्हें विभिन्न आवासीय कोचिंग केंद्रों में सीटें आवंटित की जाएंगी। चयनित छात्रों की नियमित कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से शुरू होंगी, जबकि शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक चलेगा।
865 मेधावी छात्रों को मिलेगा मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग केंद्रों में कुल 865 अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
इन सीटों में 25 प्रतिशत सीटें ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी, जिन्होंने लेटरल एंट्री के तहत पहले ही सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) उत्तीर्ण कर ली है।
चयनित विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिल सके।
आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को मिलेगा बड़ा सहारा
राज्य सरकार की फ्री IAS-PCS कोचिंग योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही है।
वर्तमान समय में निजी कोचिंग संस्थानों की ऊंची फीस के कारण कई योग्य विद्यार्थी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाते। ऐसे में यह योजना उन्हें बिना आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का माध्यम बन रही है।
UPSC और UPPSC में बढ़ेगी प्रतिभाशाली युवाओं की भागीदारी
राज्य सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और समान अवसर मिलने से अधिक से अधिक युवा UPSC और UPPSC जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है, ताकि पात्र और योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं में वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सक्षम बनाना है।









