वाराणसी/08 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में शिक्षा, शिक्षक कल्याण और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि “हर बच्चा योग्य बने” यही सरकार का लक्ष्य है, क्योंकि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 800 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये करने, शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक बच्चे को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
हर बच्चा योग्य बने, तभी मजबूत होगा देश का भविष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि “हर बच्चा योग्य बने” यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत होगी तो भविष्य में विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण भी मजबूत आधार पर होगा।
उन्होंने निपुण भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना सबसे महत्वपूर्ण है। जब बच्चे बुनियादी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगे, तभी वे आगे की पढ़ाई और जीवन की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
छात्रों की सहायता राशि 800 से बढ़कर हुई 1200 रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए 800 रुपये की सहायता राशि दी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति छात्र कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह राशि विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक कारणों से प्रभावित न हो।
विद्यालयों में स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर माहौल पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालयों का वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को स्वच्छता, अनुशासन और नियमित यूनिफॉर्म पहनने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों में अनुशासन की आदत बचपन से विकसित की जानी चाहिए। सर्दियों में स्वेटर पहनकर विद्यालय आने और निर्धारित ड्रेस को नियमित रूप से पहनने जैसी छोटी-छोटी बातें भी बेहतर शैक्षणिक संस्कृति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन 12 प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी सम्मानित किया, जिनके विद्यालयों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच हुए एमओयू के माध्यम से शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अन्य कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 10 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले अस्थायी शिक्षकों एवं कर्मियों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस मिलेगा। इसके साथ एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और स्थायी दिव्यांगता कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं 10 हजार रुपये से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के लगातार प्रयास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। नकल मुक्त परीक्षाओं की व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता बढ़ी है और अब अधिकांश भर्ती एवं बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
विकसित भारत का आधार है मजबूत शिक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि समाज की सबसे मजबूत आधारशिला शिक्षा है। यदि हर शिक्षक पूरी निष्ठा से बच्चों को पढ़ाने का दायित्व निभाए और हर विद्यार्थी को सीखने का बेहतर अवसर मिले, तो उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरा देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने शिक्षकों, अधिकारियों और शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वह अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए सक्षम बन सके।









