वाराणसी/08 जुलाई 2026: सावन महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि काशीवासियों के लिए अलग दर्शन मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और श्रद्धालुओं की हर संभव सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
दो दिवसीय काशी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सावन माह की तैयारियों तथा कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
काशीवासियों के लिए अलग दर्शन मार्ग बनाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि सावन के दौरान स्थानीय नागरिकों के लिए बाबा विश्वनाथ के दर्शन की व्यवस्था अलग और सुगम होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि काशी में निवास का प्रमाण प्रस्तुत करने वाले लोगों को अलग मार्ग से सुविधाजनक ढंग से दर्शन कराया जाए।
बताया गया कि अधिवक्ता अनघ शुक्ला ने मंदिर प्रशासन को ज्ञापन देकर काशीवासियों के लिए अलग दर्शन व्यवस्था की मांग की थी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वभूषण मिश्र ने इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने सहमति जताते हुए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
स्थानीय व्यापारियों की परेशानी भी होगी कम
समीक्षा बैठक के दौरान पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने मैदागिन से गोदौलिया तक होने वाली बैरिकेडिंग से स्थानीय व्यापारियों को होने वाली दिक्कतों का मुद्दा उठाया।
इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस मार्ग पर व्यापक बैरिकेडिंग केवल सोमवार को की जाए, ताकि सप्ताह के अन्य दिनों में स्थानीय व्यापार और आम जनजीवन अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
वहीं गोदौलिया-लक्सा मार्ग को लेकर मंडलायुक्त ने जानकारी दी कि 26 जुलाई से यह मार्ग खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सावन के दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और रेलवे के साथ मिलकर भीड़ नियंत्रण की प्रभावी योजना लागू की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य सेवाएं, आपदा प्रबंधन, लॉकर सुविधा और पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
वीआईपी दर्शन के नाम पर धोखाधड़ी रोकने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि मंदिर में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी समय-समय पर बदली जाए, ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी की संभावना समाप्त हो।
इसके साथ ही होटल, रेस्तरां, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने वालों पर कड़ी निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
सावन में सुचारु व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के साथ-साथ वाराणसी परिक्षेत्र के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सावन के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि देशभर से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।









