कुशीनगर, 11 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कुशीनगर के टेकुआटार में ₹525 करोड़ की लागत वाली 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान आयोजित जनसभा में उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था और धार्मिक आस्था जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर जारी राजनीतिक चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों की सरकारों में मंदिरों पर कब्जे होते थे और मंदिर निर्माण के लिए मिले धन का सही उपयोग नहीं किया जाता था, वे अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के विकास की सोच भी नहीं सकते।
‘मंदिरों पर कब्जा करने वाले काशी-मथुरा के बारे में नहीं सोच सकते’
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले ऐसी सरकारें थीं, जिनके कार्यकाल में मंदिरों पर अवैध कब्जे होते थे और मंदिरों के नाम पर आने वाले धन का दुरुपयोग किया जाता था।
उन्होंने कहा, “मंदिरों पर कब्जा करने वाले लोग काशी, मथुरा और अयोध्या के बारे में कभी नहीं सोच सकते। धर्म और आस्था पर हमें उपदेश देने से पहले उन्हें अपना चेहरा देखना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में नए मंदिरों के निर्माण और धार्मिक स्थलों के विकास पर लगातार कार्य किया गया है।
2017 से पहले ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ की सरकार थी: योगी
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ की स्थिति थी। उनके अनुसार उस समय न स्पष्ट नीति थी और न विकास की इच्छाशक्ति, जिसके कारण निवेश और विकास कार्य प्रभावित होते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अपराध और दंगे प्रदेश की पहचान बन चुके थे, जबकि अब कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “अब नो कर्फ्यू, नो दंगा… यूपी में सब चंगा है।”
इंसेफेलाइटिस और भूख से मौत पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्वांचल में कभी गंभीर चुनौती रहे इंसेफेलाइटिस का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले इस बीमारी से हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होता था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में गरीब और वंचित समाज भूख और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझता था।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, गरीबों को आवास, बिजली, मुफ्त गैस कनेक्शन, इलाज और रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में विकास और जनकल्याण प्राथमिकता है।
अन्नप्राशन कार्यक्रम में बच्चों के भविष्य का किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी गोद में लिए एक बच्चे की मुस्कान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह मुस्कान इस बात का प्रतीक है कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब बचपन सुरक्षित होगा, तभी देश का भविष्य भी मजबूत होगा।
नारायणी नदी पर बनेगा ₹800 करोड़ का पुल
मुख्यमंत्री ने नारायणी नदी के उस पार बसे दियारा क्षेत्र की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित रहे इन गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि नारायणी नदी पर लगभग ₹800 करोड़ की लागत से पुल निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। पुल बनने के बाद दियारा क्षेत्र के गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
कुशीनगर एयरपोर्ट से जल्द शुरू होंगी नियमित उड़ानें
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नियमित उड़ानों में हो रही देरी पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण नए विमान समय पर उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे उड़ान सेवाएं शुरू होने में विलंब हुआ।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही नए विमान उपलब्ध होने के बाद कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नियमित उड़ानें शुरू की जाएंगी। साथ ही इस एयरपोर्ट को गया और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, सांसद विजय दुबे और गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ल सहित कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।










