लखनऊ/16 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में भूजल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भूजल सप्ताह 2026 की शुरुआत गुरुवार को राजधानी लखनऊ से हुई। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अभियान का उद्घाटन करते हुए कहा कि बढ़ती जल चुनौती से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के 10 अतिदोहित (जल संकट से प्रभावित) शहरों में विशेष जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
भूजल सप्ताह 2026 के जरिए जल संरक्षण को मिलेगा जनभागीदारी का बल
गोमती नगर स्थित लोहिया पार्क एम्फीथिएटर में आयोजित उद्घाटन समारोह में जल शक्ति मंत्री ने 16 से 22 जुलाई तक चलने वाले भूजल सप्ताह 2026 का शुभारंभ किया। इस वर्ष अभियान की थीम “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” रखी गई है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भूजल केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार भी है। सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक गतिविधियों में लगातार बढ़ती भूजल पर निर्भरता को देखते हुए इसके संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की आवश्यकता है।
10 अतिदोहित शहरों में होंगी विशेष कार्यशालाएं
जल शक्ति मंत्री ने भारत सरकार के “जल संचय जनभागीदारी: कैच द रेन-2026” अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के 10 जल संकटग्रस्त शहरों में विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने नागरिकों से वर्षा की हर बूंद को सहेजने, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने, प्रतिदिन कम से कम एक लोटा पानी बचाने और जल संरक्षण का संदेश पांच अन्य लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लेने की अपील की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिया गया जल बचाने का संदेश
उद्घाटन समारोह की शुरुआत जल आर्ट गैलरी के अवलोकन और गणेश वंदना से हुई। इसके बाद डा. श्रेया संगीत संस्थान ने ‘जल एन्थम’ प्रस्तुत किया, जबकि ‘क्लाइमेट पर चर्चा’ संस्था के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक और जल गीत के माध्यम से जल संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया।
कार्यक्रम में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं की भागीदारी की सराहना करते हुए उन्हें भूजल के संतुलित उपयोग और जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों की रहेगी श्रृंखला
समारोह के दौरान ऑनलाइन भूजल क्विज़ प्रतियोगिता के विजेताओं को ‘स्कूल ऑफ जलवीर’ सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही जल संरक्षण विषय पर उत्कृष्ट जल आर्ट तैयार करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।
भूजल सप्ताह के दौरान पूरे प्रदेश में विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से चित्रकला, वाद-विवाद, जल पुनर्भरण, जनसंवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति व्यवहारिक रूप से जोड़ना और भूजल बचाने के सामूहिक प्रयासों को गति देना है।
कार्यक्रम का संचालन भूगर्भ जल विभाग के अधिशासी अभियंता अनुपम ने किया। अंत में विभाग के निदेशक डा. राजेश कुमार प्रजापति ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान और सामूहिक जल संरक्षण शपथ के साथ हुआ।










