बाराबंकी/20 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सीएम योगी बाराबंकी दौरा के दौरान जिले को 542.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास दरियाबाद तथा रामनगर विधानसभा क्षेत्रों के लिए किया गया। इससे पहले उन्होंने रामनगर स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम में पूजा-अर्चना की और महादेवा कॉरिडोर की आधारशिला रखी।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास, सांस्कृतिक विरासत, कानून-व्यवस्था और धार्मिक पर्यटन जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
‘जब सनातन पर खतरा आएगा, कोई नहीं बचेगा’
अपने करीब 40 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सनातन सुरक्षित है, तब तक समाज भी सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब सनातन पर खतरा आएगा, कोई बच नहीं पाएगा। ऐसे समय में समाज को बांटने वालों की बोलती भी बंद हो जाती है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को विकास की मुख्य धारा से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।
बाराबंकी को बताया ‘दोनों हाथों में लड्डू’ वाला जिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाराबंकी को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) से जोड़ने का लाभ आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर मिलेगा। उनके अनुसार, लखनऊ और अयोध्या दोनों दिशाओं में हो रहे विकास का सीधा फायदा बाराबंकी को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बाराबंकी के लोगों के “दोनों हाथों में लड्डू” हैं, क्योंकि राजधानी क्षेत्र के विस्तार और अयोध्या के तेजी से विकसित हो रहे धार्मिक पर्यटन का लाभ जिले को एक साथ मिलेगा।
लोधेश्वर महादेव धाम को मिलेगा नया स्वरूप
सीएम योगी बाराबंकी दौरा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोधेश्वर महादेव धाम का विकास तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महादेवा रोड को हाईवे से जोड़ने वाली सड़क को फोरलेन बनाया जा रहा है और कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि काशी, विंध्याचल, नैमिष धाम सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी व्यापक विकास कराया जा रहा है ताकि धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल सके।
क्षेत्र की विभूतियों को किया याद
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बाराबंकी के महान हॉकी खिलाड़ी के.डी. सिंह ‘बाबू’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके योगदान का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राजा बलभद्र सिंह चहलारी, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह जी तथा अन्य ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को याद किया।
विपक्ष पर लगाए आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बाराबंकी सहित प्रदेश के कई धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विकास कार्यों की प्राथमिकताएं अलग थीं, जबकि वर्तमान सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर समान रूप से काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण बेटियां, व्यापारी और आम नागरिक पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सरकार सुरक्षा के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
विकास और राजनीति दोनों रहे केंद्र में
मुख्यमंत्री के इस दौरे को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकास योजनाओं के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। हालांकि, 2027 के विधानसभा चुनाव से इस दौरे को जोड़ने संबंधी चर्चाओं पर मुख्यमंत्री ने कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की।
बाराबंकी दौरे के जरिए मुख्यमंत्री ने एक ओर विकास परियोजनाओं की सौगात दी तो दूसरी ओर धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को भी विस्तार से सामने रखा।









