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गोरखनाथ मंदिर में श्रीराम कथा का शुभारंभ, CM योगी बोले- भक्ति के बिना जीवन अंधकार और अराजकता से भर जाता है

On: July 23, 2026
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गोरखनाथ मंदिर में श्रीराम कथा का शुभारंभ
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गोरखपुर/23 जुलाई 2026। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सप्तदिवसीय श्रीराम कथा का विधिवत उद्घाटन करते हुए कहा कि भक्ति के बिना जीवन अंधकार, अराजकता और अज्ञानता से भर जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से ज्ञान और भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया और कहा कि श्रीराम कथा जैसी आध्यात्मिक परंपराएं मनुष्य को सही दिशा और जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्रदान करती हैं।

गोरखनाथ मंदिर में श्रीराम कथा के शुभारंभ पर भक्ति और ज्ञान का संदेश

गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ पूजन के साथ गोरखनाथ मंदिर में श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस जीवन में भक्ति नहीं होती, वहां अज्ञान, अव्यवस्था और निराशा का वास होता है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों से बाहर निकलने का सबसे प्रभावी माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान है, जो श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत कथा जैसे दिव्य आयोजनों से प्राप्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र, व्यवहार और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों को भी दिशा देता है।

भगवान श्रीराम हर सनातनी के जीवन का अभिन्न हिस्सा

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का स्थान प्रत्येक भारतीय के हृदय में है। उन्होंने कहा कि चाहे व्यक्ति बालक हो या वृद्ध, गृहस्थ हो या संन्यासी, श्रीराम का नाम सभी को समान रूप से प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि आदर्श जीवन, मर्यादा, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों के सर्वोच्च उदाहरण भी हैं।

‘जय श्रीराम’ और ‘राम-राम’ हमारी सांस्कृतिक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के अभिवादन का सबसे सहज और आत्मीय माध्यम “जय श्रीराम” और “राम-राम जी” है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के कई क्षेत्रों में लोग आज भी “राम-राम जी” कहकर एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं।

उनके अनुसार यह केवल अभिवादन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक मर्यादा का प्रतीक है, जिसने समाज को सदियों से जोड़े रखा है।

उत्तर प्रदेश के तीर्थ सनातन मूल्यों की जीवंत धरोहर

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि जब मर्यादा की चर्चा होती है तो लोगों की दृष्टि अयोध्या की ओर जाती है, जीवन के रहस्यों को समझने के लिए काशी प्रेरणा देती है, भक्ति की अनुभूति मथुरा-वृंदावन में होती है और समरसता का संदेश प्रयागराज से मिलता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया चाहे जितना दुष्प्रचार करे, सनातन संस्कृति और उसके मूल्यों को समझने का सबसे बड़ा अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थस्थलों पर ही मिलता है।

प्रयागराज से आए आचार्य शांतनु जी महाराज सुना रहे हैं श्रीराम कथा

मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान कराया। यह सप्तदिवसीय कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

वैदिक मंत्रोच्चार और शोभायात्रा से हुआ शुभारंभ

श्रीराम कथा शुरू होने से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक श्रीरामचरितमानस की पोथी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे, शंखध्वनि और 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

कथा स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यजमानों ने विधिवत व्यासपीठ पूजन किया।

बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु रहे मौजूद

इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल सहित अनेक साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सप्तदिवसीय गोरखनाथ मंदिर में श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

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