लखनऊ, 24 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश विधान मंडल मानसून सत्र की तारीखों का आधिकारिक एलान कर दिया गया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू होगा। यह चार दिवसीय सत्र होगा, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और कई अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य सदन में पेश किए जाएंगे।
प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे द्वारा जारी अधिसूचना के साथ ही सत्र की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह वर्ष 2026 का तीसरा विधानमंडलीय सत्र होगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना
उत्तर प्रदेश विधान मंडल मानसून सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी की।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अहम वित्तीय और विधायी सत्र होगा।
अनुपूरक बजट और अध्यादेशों पर रहेगा फोकस
मानसून सत्र के दौरान सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदानों की मांग सदन के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा, पिछले सत्र के बाद शासन द्वारा जारी किए गए अध्यादेशों को विधायी मंजूरी दिलाने के लिए उनके प्रतिस्थानी विधेयक भी विधानसभा और विधान परिषद में पेश किए जाएंगे।
सरकार की ओर से आवश्यक अन्य विधायी प्रस्तावों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े विधेयकों पर भी चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया इस सत्र में पूरी की जाएगी।
संवैधानिक व्यवस्था के तहत बुलाया गया सत्र
राज्य विधानमंडल का पिछला यानी दूसरा सत्र 30 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ था। उसी दिन विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी, जबकि 7 मई 2026 को औपचारिक रूप से सत्रावसान घोषित किया गया।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य-संचालन नियमावली के अनुसार, विधानमंडल के दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता। इसी संवैधानिक प्रावधान के अनुरूप राज्य सरकार ने अगस्त में मानसून सत्र बुलाने का निर्णय लिया है।
कई अहम फैसलों पर रहेगी नजर
चार दिन के इस सत्र में सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं, नए विधायी प्रस्तावों और विपक्ष के विभिन्न मुद्दों पर होने वाली चर्चा पर सभी की नजर रहेगी। अनुपूरक बजट के साथ-साथ विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों और सरकारी नीतियों पर भी सदन में बहस होने की संभावना है।










