प्रयागराज/24 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को नई गति देने वाली महत्वाकांक्षी विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना अब जमीन अधिग्रहण के चरण में पहुंच गई है। प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित 333 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 341 गांवों की कुल 4913.93 हेक्टेयर (4 करोड़ 91 लाख 39 हजार 300 वर्ग मीटर) भूमि चिह्नित की गई है। फिलहाल प्रभावित गांवों में जमीन के सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद भूमि के बैनामे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 341 गांवों में जमीन अधिग्रहण की तैयारी
विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र तक जाएगा। करीब 333 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्देश्य विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इसके बनने से उत्तर प्रदेश का संपर्क आसपास के कई राज्यों से और अधिक सुगम होगा, जिससे माल परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी करने के लिए प्रत्येक प्रभावित गांव में रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित किसानों के साथ भूमि क्रय की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।
किस जिले में कितनी जमीन होगी प्रभावित
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए सबसे अधिक भूमि सोनभद्र जिले में अधिग्रहित की जाएगी। यहां 108 गांवों की 2019.64 हेक्टेयर जमीन परियोजना के दायरे में आएगी।
इसके अलावा:
- प्रयागराज: 84 गांव, 862.76 हेक्टेयर भूमि
- भदोही: 58 गांव, 772.74 हेक्टेयर भूमि
- मिर्जापुर: 91 गांव, 1258.79 हेक्टेयर भूमि
- सोनभद्र: 108 गांव, 2019.64 हेक्टेयर भूमि
चारों जिलों में बड़े पैमाने पर भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया बिना किसी विवाद के पूरी हो सके।
सत्यापन के बाद बनेगी जिला स्तरीय समिति
भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक प्रभावित जिले में जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति स्थानीय परिस्थितियों और सरकारी मानकों के आधार पर भूमि के मूल्य का निर्धारण करेगी।
इसी मूल्यांकन के अनुसार किसानों की जमीन के बैनामे किए जाएंगे और मुआवजा तय किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए, ताकि परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर शुरू हो सके।
विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ
विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र के बीच तेज एवं सुरक्षित सड़क संपर्क स्थापित होगा। साथ ही यह परियोजना औद्योगिक निवेश, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद विंध्य क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी और प्रदेश के पूर्वी हिस्से की कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।










