मैनपुरी/ रविवार, 26 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मैनपुरी से समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। दिलचस्प बात यह रही कि इस बार उन्होंने आलोचना के लिए समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के एक पुराने ड्रीम प्रोजेक्ट का हवाला दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैफई में ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान की परिकल्पना मुलायम सिंह यादव ने की थी, लेकिन पांच साल तक सत्ता में रहने के बावजूद अखिलेश यादव इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ा सके। उनकी सरकार ने इसे पूरा कराने का काम किया।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विकास कार्यों और अधूरी परियोजनाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
682 करोड़ रुपये की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मैनपुरी जिले के करहल और मैनपुरी विधानसभा क्षेत्रों में 682 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में मैनपुरी तेजी से विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर जिले में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में मैनपुरी में स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं।
सैफई मेडिकल प्रोजेक्ट पर अखिलेश यादव को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सैफई में ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने इस परियोजना के लिए 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक तैयार कराया। इसके अलावा 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक भी बनवाया गया है। उन्होंने कहा कि अब यह आयुर्विज्ञान संस्थान तेजी से विकसित हो रहा है और क्षेत्र के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
जल जीवन मिशन और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने मैनपुरी में चल रही अन्य विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले के 540 गांवों में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से लगभग 2.35 लाख परिवारों को हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के कारण क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। साथ ही आगरा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे मैनपुरी और आसपास के जिलों को परिवहन एवं व्यापार के क्षेत्र में अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
माफिया पर कार्रवाई का जिक्र, बोले- अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के कई जिलों की पहचान माफियाओं से होती थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कॉलेज’ की पहचान बन रही है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने किसानों की कर्जमाफी सहित सभी विकास योजनाओं का लाभ पूरे प्रदेश में समान रूप से पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर, इटावा और मैनपुरी सहित सभी जिलों में बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के विकास कार्य किए गए हैं।
चुनावी माहौल में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच विकास कार्यों को लेकर बयानबाजी तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष के दावों को चुनौती दे रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी भी विभिन्न परियोजनाओं को अपने कार्यकाल की देन बताती रही है। मैनपुरी में दिया गया मुख्यमंत्री का यह बयान इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां उन्होंने विकास और अधूरी परियोजनाओं के मुद्दे पर सीधे अखिलेश यादव को निशाने पर लिया।










