वाराणसी, 29 जुलाई 2026। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत गुरु रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि भदोही जिले का नाम दोबारा “संत रविदास नगर” किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में समाजवादी पार्टी की सरकार ने जिले का नाम बदलकर भदोही कर दिया था, लेकिन अब उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान फिर से बहाल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास नगर केवल एक प्रशासनिक नाम नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संत परंपरा और कालीन उद्योग की पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह जिला फिर उसी नाम से जाना जाएगा, जिससे उसकी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक गौरव को नई मजबूती मिलेगी।
समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कई बार महापुरुषों की पहचान को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन उनकी सरकार संतों, महापुरुषों और सामाजिक चेतना से जुड़े प्रतीकों को उनका उचित सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास नगर की पहचान हमेशा संत गुरु रविदास की तपोभूमि और सामाजिक समरसता के संदेश से जुड़ी रही है। इसलिए सरकार ने इसे फिर से उसी नाम से स्थापित करने का निर्णय लिया है।
संत रविदास की 650वीं जयंती बनेगी राष्ट्रीय पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं होगी, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण का राष्ट्रीय अभियान बनेगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सदियों पहले जिस समतामूलक समाज का सपना देखा था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने संत रविदास की प्रसिद्ध पंक्तियों “ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामाजिक न्याय, समान अवसर और सर्वजन कल्याण की प्रेरणा देती है।
गुरु परंपरा भारत की सांस्कृतिक शक्ति
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति में गुरु परंपरा का विशेष स्थान रहा है। संत रामानंद से लेकर संत रविदास तक संतों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक भक्ति, सेवा, समानता और मानवता का संदेश पहुंचाया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद संत समाज का अभिनंदन किया और विशेष रूप से संत निरंजन दास महाराज के योगदान की सराहना की।
पूरे देश में चलेगा ‘सामाजिक समरसता अभियान’
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में “सामाजिक समरसता अभियान” चलाएगी। इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव और घर-घर तक संत रविदास के विचारों को पहुंचाना है, ताकि समाज में समानता और भाईचारे की भावना और मजबूत हो सके।
महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित होंगी, संत स्थलों का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि और डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएं सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित की जाएंगी।
इसके साथ ही जिन स्थानों का संबंध संत रविदास से है और जहां सुरक्षा व्यवस्था या बाउंड्री वॉल नहीं है, वहां राज्य सरकार अपने खर्च पर निर्माण कार्य कराएगी। इसके लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।
गरीब बच्चों की शिक्षा पर सरकार का जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है, ताकि हर वर्ग के बच्चों को समान अवसर मिल सके।
समरस समाज ही होगी संत रविदास को सच्ची श्रद्धांजलि
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संत रविदास जयंती वर्ष से जुड़े सभी कार्यक्रमों में पूरा सहयोग देगी। उन्होंने समाज से जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच की मानसिकता से ऊपर उठकर समरस समाज के निर्माण का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश कर्म, भक्ति और मानव सेवा का संदेश है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति सम्मान, अवसर और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े।









