नई दिल्ली, 21 फरवरी 2026। भारत की कूटनीतिक सेवा में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। जॉर्जिया में भारत के नए नियुक्त राजदूत अमित कुमार मिश्रा ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपना लेटर ऑफ क्रेडेंस प्रस्तुत किया। इस औपचारिक प्रक्रिया के साथ ही जॉर्जिया में उनकी राजनयिक जिम्मेदारी की आधिकारिक शुरुआत हो गई।
राष्ट्रपति ने उन्हें नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारत और जॉर्जिया के संबंध और अधिक सुदृढ़, व्यापक और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनेंगे।
2004 बैच के अनुभवी राजनयिक
बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले अमित कुमार मिश्रा भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2004 बैच के अधिकारी हैं। लगभग दो दशकों की सेवा के दौरान उन्होंने विदेश मंत्रालय और विदेश स्थित भारतीय मिशनों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
उनकी विशेषज्ञता अंतरराष्ट्रीय संबंध (International Relations), बहुपक्षीय कूटनीति (Multilateral Diplomacy), आर्थिक सहयोग (Economic Cooperation), वाणिज्य दूतावास सेवाएं (Consular Services) और नीतिगत निर्माण (Policy Formulation) जैसे क्षेत्रों में रही है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मिश्रा की कार्यशैली संतुलित, संवाद-प्रधान और परिणाम आधारित मानी जाती है—जो किसी भी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक गुण हैं।
भारत–जॉर्जिया संबंध: सहयोग की बढ़ती परिधि
भारत और जॉर्जिया के बीच पारंपरिक रूप से मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी, औषधि उद्योग, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है।
जॉर्जिया की राजधानी त्बिलिसी में भारतीय छात्रों और व्यवसायिक समुदाय की उपस्थिति भी बढ़ रही है, जिससे जन-से-जन संपर्क (People-to-People Contact) मजबूत हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि काला सागर क्षेत्र में जॉर्जिया की रणनीतिक स्थिति और यूरोप-एशिया को जोड़ने वाली उसकी भौगोलिक भूमिका भारत के लिए आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
नए अवसरों के बीच नियुक्ति
अमित कुमार मिश्रा लेटर ऑफ क्रेडेंस की प्रक्रिया ऐसे समय में पूरी हुई है जब भारत और जॉर्जिया के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने की संभावनाएं प्रबल हैं।
भारत की फार्मास्यूटिकल कंपनियां जॉर्जिया के बाजार में सक्रिय हैं, वहीं आईटी और डिजिटल सेक्टर में भी साझेदारी बढ़ाने की संभावनाएं हैं। शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच संवाद तेज हुआ है।
विदेश नीति विश्लेषकों का कहना है कि मिश्रा के अनुभव और नेतृत्व से द्विपक्षीय संबंधों में नई गति आएगी और रणनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
शीघ्र संभालेंगे त्बिलिसी में कार्यभार
अमित कुमार मिश्रा जल्द ही त्बिलिसी में अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। राजनयिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि उनके कार्यकाल में भारत–जॉर्जिया संबंधों को नई दिशा और गहराई मिलेगी।
कूटनीति की दुनिया में औपचारिकताओं का अपना महत्व होता है, लेकिन असली परीक्षा संवाद और परिणाम की होती है। अब नजरें इस बात पर होंगी कि मिश्रा के नेतृत्व में भारत और जॉर्जिया किस तरह अपने सहयोग को ठोस उपलब्धियों में बदलते हैं।











