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अमित शाह का बयान: ‘पहले एक गोली तक नहीं बनती थी, आज भारत मिसाइलें बना रहा’, आतंकवाद पर विपक्ष को घेरा

On: June 20, 2026
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अमित शाह का बयान, 'पहले एक गोली तक नहीं बनती थी, आज भारत मिसाइलें बना रहा'
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20 जून 2026|कोल्हापुर (महाराष्ट्र): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब देश आतंकवादी हमलों का शिकार होता था और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया बेहद सीमित दिखाई देती थी, लेकिन पिछले एक दशक में भारत की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि आज का भारत आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है और किसी भी हमले का जवाब देने में पीछे नहीं हटता।

अमित शाह का बयान: आतंकवाद के खिलाफ बदली भारत की रणनीति

अपने संबोधन में अमित शाह ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार का नाम लिए बिना उस दौर की सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले देश में कई बड़े आतंकी हमले हुए, लेकिन उस समय आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इसके बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति और जवाबी कार्रवाई का स्वरूप पूरी तरह बदल गया।

उन्होंने कहा कि अब देश केवल हमलों की निंदा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आतंकवाद को उसकी जड़ में जाकर जवाब देता है।

उरी, पुलवामा और पहलगाम का किया जिक्र

गृह मंत्री ने अपने भाषण में हाल के वर्षों में हुए प्रमुख आतंकी हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने हर चुनौती का जवाब मजबूती से दिया।

उन्होंने कहा कि उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में एयरस्ट्राइक कर आतंकवादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया।

शाह ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले का भी जिक्र किया और कहा कि उसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।

भारतीय सेना की बढ़ी ताकत और आत्मनिर्भरता

अपने भाषण का बड़ा हिस्सा गृह मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत की प्रगति पर केंद्रित रखा। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारतीय सेना को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक हथियारों और बेहतर संसाधनों से लैस किया गया है।

शाह ने कहा कि कभी भारत रक्षा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी देशों पर निर्भर था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। देश रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा था जब भारत अपनी जरूरत की एक गोली तक बनाने में सक्षम नहीं था, लेकिन आज देश मिसाइल निर्माण से लेकर आधुनिक रक्षा प्रणालियों के विकास तक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर रहा है।”

‘आत्मनिर्भर भारत’ को बताया सुरक्षा की नई ताकत

गृह मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ने से सेना की जरूरतों को तेजी से पूरा किया जा सकता है और विदेशी निर्भरता कम होती है।

उन्होंने दावा किया कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, जिसकी सैन्य क्षमता और रणनीतिक ताकत को दुनिया गंभीरता से देख रही है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार की प्राथमिकता

अमित शाह ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई और सेना को मजबूत बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उनके अनुसार, बदलती वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

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