अहमदाबाद|17 मई 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात को लेकर बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में मजबूत पहचान बना चुका गुजरात अब सेवा और तकनीकी क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करने की तैयारी में है। शाह ने साफ कहा कि आने वाले वर्षों में अहमदाबाद, बंगलूरू और हैदराबाद जैसे स्थापित टेक हब को सीधी चुनौती देता नजर आएगा।
अहमदाबाद में आयोजित गणेश हाउसिंग के ‘मिलियन माइंड्स टेक पार्क’ के उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने कहा कि यदि गुजरात को तकनीक और सेवा क्षेत्र में नई ऊंचाई पर पहुंचाना है, तो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार आधारित परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना होगा।
गुजरात आईटी सेक्टर को लेकर अमित शाह का बड़ा दावा
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि गुजरात ने पिछले वर्षों में विनिर्माण, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अब राज्य को सेवा क्षेत्र में भी देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने कहा कि गुजरात जब किसी क्षेत्र में ठान लेता है, तो वहां शीर्ष स्थान हासिल करने में ज्यादा समय नहीं लगता। यही वजह है कि राज्य अब आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि गुजरात को नवाचार, ज्ञान आधारित उद्योगों, प्रौद्योगिकी और उच्च कौशल वाले रोजगार का बड़ा केंद्र बनाया जाए। इससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
अहमदाबाद को टेक हब बनाने की तैयारी
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अहमदाबाद को बंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे बड़े टेक्नोलॉजी शहरों के समकक्ष खड़ा करने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक कार्यालय परिसर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और उच्च स्तरीय तकनीकी सुविधाएं किसी भी शहर को टेक हब में बदलने की सबसे अहम शर्त होती हैं। गुजरात सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।
शाह ने यह भी कहा कि गुजरात के लोगों के डीएनए में उद्यमिता की भावना स्वाभाविक रूप से मौजूद है। मजबूत नीतियों और बेहतर कारोबारी माहौल ने इस क्षमता को और बढ़ाया है।
1100 करोड़ के टेक पार्क से पैदा होंगी हजारों नौकरियां
अमित शाह ने बताया कि ‘मिलियन माइंड्स टेक पार्क’ करीब 1,100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह परियोजना 13.5 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली हुई है और इसे कई चरणों में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में ही लगभग 9,000 उच्च कुशल पेशेवरों को रोजगार और आधुनिक कार्य वातावरण मिलेगा। जबकि परियोजना के सभी सात चरण पूरे होने के बाद यहां 63,000 से अधिक हाई-वैल्यू नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह परियोजना गुजरात के आईटी और सेवा क्षेत्र को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे राज्य में निवेश बढ़ने के साथ टेक कंपनियों की मौजूदगी भी मजबूत होगी।
रियल एस्टेट और शहरी विकास पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने जीआरईएमआई सिटी कैंपस का भी जिक्र किया और इसे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर शहरी नियोजन के बिना किसी शहर को लंबे समय तक रहने योग्य और प्रतिस्पर्धी नहीं बनाया जा सकता।
करीब 30 हजार वर्ग फुट में विकसित इस कैंपस में पहले बैच के 300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसके अलावा अहमदाबाद के पास 100 एकड़ क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े मुख्य परिसर के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।
गुजरात मॉडल को नई दिशा देने की कोशिश
राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि गुजरात अब पारंपरिक औद्योगिक मॉडल से आगे बढ़कर ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों की कोशिश है कि गुजरात को सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग हब ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और सेवा क्षेत्र का भी राष्ट्रीय केंद्र बनाया जाए।
अमित शाह के बयान को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खासतौर पर ऐसे समय में जब देश में आईटी निवेश और ग्लोबल टेक कंपनियों के विस्तार को लेकर राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होती जा रही है।










