गोरखपुर, 17 मई 2026: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहजनवा दौरे के दौरान एक छोटी सी तस्वीर ने प्रशासनिक मशीनरी को हिला दिया। हेलीकॉप्टर से गुजरते वक्त मुख्यमंत्री की नजर बरहुआ पावर हाउस के पास लगे कूड़े के बड़े ढेर पर पड़ी। ऊपर से साफ दिखाई दे रहे इस अव्यवस्थित डंपिंग स्थल को देखकर मुख्यमंत्री ने तुरंत नाराजगी जताई, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया।
मुख्यमंत्री की नाराजगी के कुछ ही समय बाद नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनें लगाई गईं, ट्रॉलियों से कूड़ा हटाया गया और पूरे इलाके में सफाई अभियान चलाया गया। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीर लापरवाही के तौर पर देखा जा रहा है।
कूड़े के ढेर पर तुरंत हरकत में आया नगर निगम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद नगर निगम अधिकारियों ने तत्काल सफाई व्यवस्था शुरू कराई। बरहुआ पावर हाउस के आसपास फैले कचरे को हटाने के लिए कई वाहन लगाए गए। अधिकारियों के मुताबिक पूरे क्षेत्र से कूड़ा उठाकर निर्धारित डंपिंग स्थल तक पहुंचाया गया।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, शहर से निकलने वाली कुछ कूड़ा गाड़ियां सहजनवा स्थित अधिकृत जीरो प्वाइंटर तक जाने के बजाय रास्ते में ही कचरा गिरा रही थीं। बरहुआ पावर हाउस के पास का इलाका धीरे-धीरे अनधिकृत डंपिंग प्वाइंट बनता जा रहा था।
बताया जा रहा है कि कुछ वाहन चालक समय और ईंधन बचाने के लिए यहां कचरा खाली कर वापस लौट जाते थे। यही वजह रही कि पिछले कई महीनों से वहां कूड़े का अंबार लगातार बढ़ता चला गया।
स्थानीय लोग लंबे समय से उठा रहे थे समस्या
स्थानीय ग्रामीणों और आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि इलाके में काफी समय से दुर्गंध की समस्या बनी हुई थी। गर्मी और बारिश के कारण हालात और खराब हो गए थे। कई लोगों ने पहले भी सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायत की थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।
स्थिति यह हो गई थी कि केवल नगर निगम की गाड़ियां ही नहीं, बल्कि आसपास के कुछ ग्रामीण और किसान भी वहां घरेलू व कृषि अपशिष्ट फेंकने लगे थे। धीरे-धीरे यह पूरा इलाका अस्थायी कूड़ा घर में बदल गया।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सुबह और शाम के समय वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता था। बदबू के साथ मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही थी, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ था।
CM योगी की नाराजगी के बाद सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री की आपत्ति के बाद नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब अनधिकृत डंपिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों और वाहन चालकों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शहर का कचरा केवल निर्धारित डंपिंग स्थल पर ही डाला जाएगा। इसके लिए वाहनों की ट्रैकिंग और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।
अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने कहा कि बरहुआ पावर हाउस के पास जमा कूड़े को पूरी तरह हटवा दिया गया है। साथ ही भविष्य में दोबारा वहां कचरा न डाला जाए, इसके लिए ग्राम प्रधान को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है और स्थानीय स्तर पर निगरानी रखने को कहा गया है।
स्वच्छता व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद शहर की सफाई व्यवस्था और मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रशासनिक सूत्र मानते हैं कि यदि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान यह मामला सामने नहीं आता, तो संभवतः यह अनधिकृत डंपिंग लंबे समय तक जारी रहती।
गोरखपुर में स्वच्छता को लेकर सरकार लगातार अभियान चला रही है, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया कि जमीनी स्तर पर अब भी निगरानी और जवाबदेही की जरूरत बनी हुई है।








