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आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित गांवों तक पहुंचेगा पाइप्ड वाटर, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दिए सख्त निर्देश

On: July 13, 2026
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आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित गांवों तक पहुंचेगा पाइप्ड वाटर
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लखनऊ, 13 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित गांवों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के अभियान को तेज करने का फैसला किया है। सोमवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी गांवों में 100 प्रतिशत पाइप्ड वाटर सप्लाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रभावित गांव में नल से जल आपूर्ति न होने की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

जल शक्ति मंत्री ने जल जीवन मिशन, लघु सिंचाई विभाग, भूगर्भ जल विभाग और स्वच्छ गंगा मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित गांवों में तेजी से चल रहा काम

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 738 आर्सेनिक प्रभावित गांवों में से 559 गांवों तक फिलहाल पाइप के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जा रहा है, जबकि 179 गांवों में जलापूर्ति परियोजनाओं पर काम जारी है।

इसी तरह 1,460 फ्लोराइड प्रभावित गांवों में से 886 गांवों के घरों तक पाइप से पानी पहुंच चुका है। शेष 574 गांवों में पाइप्ड वाटर सप्लाई की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं को तय समय के भीतर पूरा करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

विंध्य और बुंदेलखंड की परियोजनाओं पर विशेष फोकस

स्वतंत्र देव सिंह ने समीक्षा के दौरान विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र की पेयजल परियोजनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में अंतिम चरण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने मंडलवार समीक्षा के दौरान मुख्य अभियंताओं को नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करने और जमीनी स्तर पर कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जहां भी जलापूर्ति से जुड़ी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान किया जाए ताकि लोगों को पेयजल के लिए इंतजार न करना पड़े।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

जल शक्ति मंत्री ने साफ कहा कि जो अधिकारी नियमित फील्ड निरीक्षण नहीं करेंगे या परियोजनाओं की प्रगति पर प्रभावी निगरानी नहीं रखेंगे, उन्हें मुख्यालय से संबद्ध किया जाएगा। उन्होंने जल निगम (ग्रामीण) की कुछ पुरानी योजनाओं की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जेई और एईएस प्रभावित गांवों में भी बढ़ रही जलापूर्ति

बैठक में यह भी बताया गया कि जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से प्रभावित 1,146 गांवों में से 750 गांवों के प्रत्येक घर तक पाइप से पेयजल पहुंचाया जा चुका है। शेष 396 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत कार्य तेजी से जारी है।

मंत्री ने भरोसा जताया कि जल जीवन मिशन के सभी लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे प्रदेश के प्रत्येक पात्र गांव तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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