नौवें दीपोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, त्रेता युग की झलक से भावविह्वल हुए श्रद्धालु
अयोध्या(Sun, 19 Oct 2025)। दीपोत्सव 2025 की शाम Ayodhya ऐसी जगमगा उठी कि मानो स्वयं त्रेता युग धरती पर उतर आया हो। लाखों दीपों की रौशनी में नहाई रामनगरी में श्रद्धा, संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम दिखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं प्रभु श्रीराम के रथ को खींचा और प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया। इस दौरान पूरा रामकथा पार्क जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
राज्याभिषेक में झलका त्रेता युग, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अवतरण का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु वशिष्ठ के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी का पूजन किया।
स्वर्ण सिंहासन, सुसज्जित रथ और पुष्पवर्षा से पूरा वातावरण त्रेता कालीन रामराज्य जैसा प्रतीत हो रहा था।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान जी को माला पहनाई और फिर स्वयं रथ खींचकर आगे बढ़े। उनके साथ संतों, महंतों और मंत्रियों ने भी रथयात्रा में भाग लिया। यह क्षण श्रद्धालुओं के लिए गहरी भक्ति और गर्व से भरा रहा।
दीपों से झिलमिलाई पूरी रामनगरी
रामकथा पार्क से लेकर राम की पैड़ी, लता चौक, हनुमानगढ़ी और सरयू तट तक दीपों की पंक्तियां झिलमिला उठीं। हर गली और घाट से ‘जय श्रीराम’ के नारे गूंजते रहे। श्रद्धालु दीप जलाते, भक्ति गीत गाते और इस दिव्य दृश्य को कैमरों में कैद करते नजर आए।
अयोध्या मॉडल बना प्रेरणा का प्रतीक
दीपोत्सव 2025 ने न केवल नया रिकॉर्ड बनाया बल्कि ‘अयोध्या मॉडल’ के रूप में एक अद्भुत उदाहरण पेश किया। सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन के बीच आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का संगम दिखाई दिया। आयोजन की भव्यता ने साबित किया कि अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि जीवंत आस्था की ज्योति है, जो सदैव मानवता के मार्ग को प्रकाशित करती रहेगी।
भरत मिलाप का दृश्य बना भावविह्वल क्षण
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब भरत मिलाप का मंचन हुआ। जैसे ही भरत ने प्रभु श्रीराम के चरणों में गिरकर उन्हें गले लगाया, पूरा सरयू तट भावनाओं से भर उठा। श्रद्धालु आंसुओं के साथ जय श्रीराम के नारे लगाते दिखे। यह दृश्य मानो रामायण काल को पुनः सजीव कर गया।
🕯️ दीपोत्सव 2025 ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का गौरव न केवल लौटा है बल्कि नई ऊँचाइयों को छू रहा है। दीपों की यह रौशनी केवल अयोध्या को नहीं, बल्कि पूरे भारत को भक्ति, एकता और संस्कृति की ऊर्जा से आलोकित कर रही है।







