लखनऊ, 15 सितंबर 2026। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में 26 हेक्टेयर बंजर भूमि केंद्रीय गृह मंत्रालय को निश्शुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। जमीन मिल्कीपुर तहसील के पूरे लालखां गांव स्थित गाटा संख्या-429 में है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, हस्तांतरित की जाने वाली जमीन का बाजार मूल्य करीब 16.90 करोड़ रुपये है।
अयोध्या में NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए 26 हेक्टेयर जमीन
राजस्व विभाग ने जमीन के निश्शुल्क पुनर्ग्रहण और आवंटन की प्रक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय के पक्ष में करने की सहमति से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजा था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इस दिशा में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दी गई जमीन का इस्तेमाल केवल NSG क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए किया जाएगा। इसका उपयोग किसी दूसरे उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकेगा।
यह फैसला अयोध्या की बदलती सुरक्षा जरूरतों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही विशिष्ट लोगों और महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बढ़ी है।
तीन साल में इस्तेमाल नहीं हुई जमीन तो वापस होगी
सरकार ने भूमि हस्तांतरण की शर्तों को भी स्पष्ट रखा है। यदि प्रस्तावित NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए इस जमीन का इस्तेमाल आगामी तीन वर्षों के भीतर नहीं किया जाता है या भविष्य में इसकी आवश्यकता समाप्त हो जाती है, तो जमीन राजस्व विभाग के निवर्तन पर वापस आ जाएगी।
इस प्रावधान से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि सरकारी भूमि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो। यानी जमीन केवल आवंटित कर देने के बाद अनिश्चितकाल तक केंद्रीय परियोजना के लिए आरक्षित नहीं रहेगी।
आतंकी खतरों से निपटने में मिलेगी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता
NSG देश की प्रमुख आतंकवाद निरोधी और विशेष अभियान बलों में शामिल है। अयोध्या में इसका क्षेत्रीय केंद्र स्थापित होने से गंभीर सुरक्षा परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसे संवेदनशील और अत्यधिक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की सुरक्षा के लिहाज से यह व्यवस्था खास मायने रखती है। किसी बड़े आतंकी खतरे या अन्य गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में क्षेत्रीय स्तर पर विशेष बल की उपलब्धता प्रतिक्रिया समय कम करने में मदद कर सकती है।
इसका लाभ केवल अयोध्या तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। क्षेत्रीय केंद्र के जरिए उत्तर प्रदेश के अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण स्थानों के लिए भी जरूरत के समय विशेष सुरक्षा क्षमता उपलब्ध हो सकती है।
अयोध्या की बढ़ती अहमियत के बीच बड़ा सुरक्षा कदम
अयोध्या पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और गतिविधियों का दायरा बढ़ा है।
ऐसे माहौल में सुरक्षा व्यवस्था को केवल स्थानीय पुलिस और नियमित सुरक्षा तंत्र तक सीमित रखने के बजाय जरूरत के अनुसार विशेष क्षमताओं से जोड़ना अहम माना जा रहा है। अयोध्या में NSG क्षेत्रीय केंद्र इसी व्यापक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
कैबिनेट के इस निर्णय से एक ओर मंदिर और अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को विशेष बल की क्षमता से जोड़ने की तैयारी होगी, वहीं दूसरी ओर राज्य के अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों के लिए भी त्वरित सहायता का एक मजबूत आधार तैयार हो सकता है।









