लखनऊ/15 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पीआरडी जवानों का दैनिक भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पीआरडी जवानों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है।
पीआरडी स्वयंसेवक प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग के साथ बाढ़ राहत, अग्निशमन, यातायात प्रबंधन और चुनाव ड्यूटी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में भत्ते में यह वृद्धि उनके लिए सीधे आर्थिक राहत के रूप में देखी जा रही है।
पीआरडी जवानों का दैनिक भत्ता बढ़कर हुआ 600 रुपये
कैबिनेट के फैसले के बाद अब ड्यूटी करने वाले पीआरडी स्वयंसेवकों को प्रतिदिन 600 रुपये का भत्ता मिलेगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई स्वयंसेवक महीने में 30 दिन ड्यूटी करता है तो उसे पहले की तुलना में 3,000 रुपये अधिक मिलेंगे।
इस फैसले का सीधा लाभ वर्तमान में कार्यरत 27,794 पीआरडी स्वयंसेवकों को मिलेगा। प्रदेश में पीआरडी स्वयंसेवकों के स्वीकृत पदों की संख्या 87,255 है, जबकि पोर्टल पर 31,130 स्वयंसेवक पंजीकृत हैं।
भत्ता बढ़ाने से राज्य सरकार पर सालाना 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इसके बाद पीआरडी स्वयंसेवकों पर अनुमानित वार्षिक व्यय बढ़कर 608.68 करोड़ रुपये हो जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के शेष महीनों में बढ़े हुए भत्ते के भुगतान के लिए अनुपूरक अनुदान से 45 करोड़ रुपये की तत्काल व्यवस्था की गई है।
पीआरडी जवानों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा
सरकार ने केवल ड्यूटी भत्ता बढ़ाने तक फैसला सीमित नहीं रखा है। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के लिए प्रति स्वयंसेवक 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम की दर से करीब 9.34 करोड़ रुपये सालाना खर्च होने का अनुमान है। चालू वित्तीय वर्ष के बचे हुए महीनों के लिए अनुपूरक अनुदान से पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए एक शर्त भी रखी गई है। स्वयंसेवक ने संबंधित वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन महीने ड्यूटी की होनी चाहिए। योजना का लाभ सेवा अवधि के दौरान ही स्वयंसेवक और उसके पात्र आश्रितों को मिलेगा।
साचीज के जरिए मिलेगा कैशलेस चिकित्सा का लाभ
कैशलेस चिकित्सा योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत पात्र पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन स्वयंसेवकों या उनके आश्रितों को पहले से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान जैसी केंद्र या राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित किसी अन्य स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य उन पीआरडी स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना है जो दूसरी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के दायरे में नहीं आते।
तीन चरणों में बढ़ा पीआरडी जवानों का भत्ता
पीआरडी स्वयंसेवकों के दैनिक भत्ते में पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो भत्ते में बढ़ोतरी का क्रम इस प्रकार रहा है—
- 8 मार्च 2019: 250 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये प्रतिदिन
- 6 जनवरी 2022: 375 रुपये से बढ़ाकर 395 रुपये प्रतिदिन
- 16 अप्रैल 2025: 395 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन
- 15 सितंबर 2026: 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन
यानी वर्ष 2019 में 250 रुपये प्रतिदिन से शुरू हुआ भत्ता अब 600 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। मंगलवार का फैसला ऐसे समय में आया है जब पीआरडी स्वयंसेवकों की भूमिका केवल नियमित सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आपदा और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी उनकी तैनाती लगातार होती है।
प्रमुख तथ्य
| बिंदु | संख्या/राशि |
|---|---|
| स्वीकृत पीआरडी स्वयंसेवक | 87,255 |
| पोर्टल पर पंजीकृत | 31,130 |
| वर्तमान में कार्यरत | 27,794 |
| नया दैनिक भत्ता | 600 रुपये |
| 30 दिन ड्यूटी पर अतिरिक्त लाभ | 3,000 रुपये |
| सालाना अतिरिक्त वित्तीय भार | 101.44 करोड़ रुपये |
| अनुमानित वार्षिक व्यय | 608.68 करोड़ रुपये |
| कैशलेस इलाज की सीमा | 5 लाख रुपये |
| वार्षिक प्रीमियम | 3,000 रुपये प्रति स्वयंसेवक |









