बहराइच, 21 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बहराइच दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता वितरित की। कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री का एक आत्मीय और मानवीय पक्ष भी देखने को मिला, जब उन्होंने बाल एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल पर मौजूद छोटे बच्चों से बातचीत की, उन्हें चॉकलेट दी और नियमित रूप से स्कूल जाकर पढ़ाई करने की सीख दी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया, महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की जानकारी ली और कई योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक और अन्य सहायता सामग्री भी वितरित की।
बच्चों से आत्मीय मुलाकात, बोले- खूब मन लगाकर पढ़ाई करना
बाल एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल पर कुछ छोटे बच्चे बैठे दिखाई दिए तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उनके पास पहुंच गए। उन्होंने बच्चों को अपने पास बुलाया और एक-एक कर उनका नाम, स्कूल और कक्षा के बारे में पूछा।
जब एक बच्चे ने बताया कि वह आंगनवाड़ी में पढ़ता है तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उससे पूछा, “चप्पल नहीं है क्या?” इस पर बच्चे ने जवाब दिया कि “है।” इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों से कहा, “रोज स्कूल जाओगे न? खूब मन लगाकर पढ़ाई करना।”
बच्चों की मासूमियत और उनके जवाबों ने कार्यक्रम स्थल का माहौल खुशनुमा बना दिया। मुख्यमंत्री समेत वहां मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भी मुस्कुरा उठे। बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट वितरित की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
अन्नप्राशन संस्कार में भी हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कई छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाया और उपहार स्वरूप खिलौने तथा चॉकलेट भेंट कीं। इसके अलावा महिलाओं को फलों से भरी टोकरी भी प्रदान की।
यह आयोजन सरकारी योजनाओं के साथ पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को भी प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
विभिन्न विभागों के स्टॉल का किया निरीक्षण
कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने कई विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा विभाग, इंडियन बैंक, मिशन शक्ति, रेशम विकास विभाग, उद्यान विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों और योजनाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की।
विकास योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित की सहायता
कार्यक्रम में बहराइच जिले के विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, आयुष्मान कार्ड, चेक और अन्य सहायता सामग्री प्रदान की।
सम्मानित लाभार्थियों में प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- नंदिनी पांडेय को आयुष्मान कार्ड।
- अंबरीन सिद्दीकी को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 5.40 लाख रुपये का चेक।
- पूनम सिंह को कृषि विभाग की मिलेट्स स्टोर योजना के लिए 20 लाख रुपये की सहायता।
- श्रीकृष्णकांत शुक्ल को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड।
- अभिषेक सिंह को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख रुपये का चेक।
- विनय कुमार को नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 63 लाख रुपये की सहायता।
- फूलमती को मुख्यमंत्री आवास योजना का स्वीकृति पत्र।
- राघवेंद्र प्रताप सिंह को उद्यान विभाग की योजना के अंतर्गत 40 लाख रुपये का चेक।
- कृष्णानंद को सोलर आटा चक्की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये की सहायता।
- रुचि श्रीवास्तव और अंकिता को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 495 स्वयं सहायता समूहों के लिए सामुदायिक निवेश निधि और 469 समूहों के रिवॉल्विंग फंड हेतु 8.86 करोड़ रुपये से अधिक का चेक प्रदान किया गया।
विकास और जनकल्याण पर सरकार का जोर
बहराइच दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ओर विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया तो दूसरी ओर शिक्षा, पोषण, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुंचाया। बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद और लाभार्थियों को सहायता वितरण कार्यक्रम इस दौरे की प्रमुख झलकियों में शामिल रहा।









