बहराइच/21 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को महसी विधानसभा क्षेत्र के तेजवापुर स्थित बेड़नापुर रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा के दौरान जिले को 352 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बहराइच अब आकांक्षी जनपद की श्रेणी से आगे बढ़कर विकास की नई पहचान बना रहा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ-साथ कानून व्यवस्था, महाराजा सुहेलदेव के सम्मान और विपक्ष की राजनीति पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।
बहराइच विकास परियोजनाएं: 352 करोड़ की योजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना है। उन्होंने बताया कि 352 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 70 परियोजनाएं बहराइच के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, आवास और सार्वजनिक सुविधाओं को नई गति देंगी। उनके अनुसार, इन योजनाओं का सीधा लाभ जिले के लाखों लोगों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बहराइच की पहचान भू-माफियाओं, अवैध कब्जों और पिछड़ेपन से जुड़ी हुई थी, लेकिन पिछले वर्षों में स्थिति तेजी से बदली है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विकास कार्यों और प्रशासनिक सुधारों के कारण अब बहराइच नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।
महाराजा सुहेलदेव के सम्मान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महाराजा सुहेलदेव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने उनके योगदान को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे अधिकारी थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर आयोजित मेले को बढ़ावा दिया, जबकि वर्तमान सरकार ने इस पर रोक लगाकर महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य स्मारक और मेडिकल कॉलेज की स्थापना कराई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इतिहास के उन नायकों को सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने देश और समाज की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बाराबंकी-बहराइच फोरलेन समेत कई विकास योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बाराबंकी-बहराइच फोरलेन परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि के क्षेत्र में बहराइच देश में दूसरे और शिक्षा के क्षेत्र में चौथे स्थान तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर तक अपग्रेड किए जाने, भरतपुर में विस्थापित परिवारों के लिए आवासीय कॉलोनी विकसित करने और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
कानून व्यवस्था और विपक्ष पर साधा निशाना
अपने राजनीतिक संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में किसान परेशान था, कानून व्यवस्था कमजोर थी और भ्रष्टाचार विकास पर भारी पड़ रहा था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बिना जाति, क्षेत्र और तुष्टीकरण की राजनीति किए सुशासन के सिद्धांत पर काम कर रही है। इसी दौरान उन्होंने कहा, “बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह जेल या जहन्नुम है।” मुख्यमंत्री का यह बयान सभा के दौरान प्रमुख चर्चा का विषय रहा।
मगरमच्छ और तेंदुए के हमलों पर दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिले में मगरमच्छ और तेंदुए के बढ़ते हमलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन को जंगल से सटे गांवों में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जिन घरों में दरवाजे नहीं हैं, वहां दरवाजे लगवाने और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि रोकी जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, आईजी अशोक शुक्ला, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की। जनसभा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिक मौजूद रहे।








