नई दिल्ली, 19 फरवरी 2026 (गुरुवार)। भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी अब केवल कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका असर देश के औद्योगिक और कौशल विकास ढांचे में भी साफ दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर को एक बड़ा तोहफा मिला है। यहां जल्द ही भारत-फ्रांस एविएशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जो देश के विमानन और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
यह सेंटर कानपुर स्थित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) में स्थापित किया जाएगा। इसकी घोषणा हाल ही में आयोजित भारत-फ्रांस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बातचीत के बाद की गई। यह पहल भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत सामने आई है और इसे प्रधानमंत्री कौशल विकास सेतु (PM-SETU) योजना का हिस्सा बनाया गया है।
दरअसल, कानपुर पहले से ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और कई आयुध निर्माणी इकाइयों की मौजूदगी के चलते रक्षा उत्पादन के नक्शे पर अहम स्थान रखता है। ऐसे में यहां भारत-फ्रांस एविएशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से स्थानीय युवाओं को वैश्विक स्तर के प्रशिक्षण तक पहुंच मिलेगी।
इस सेंटर में एयरोनॉटिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO), एयरपोर्ट ऑपरेशंस, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और संबंधित एडवांस्ड टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसकी परिकल्पना एक विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में की गई है, जो न केवल भारत की स्किलिंग क्षमता को मजबूत करेगा बल्कि देश के तेजी से विकसित हो रहे एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम को भी नई दिशा देगा।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना को लागू करने के लिए भारत सरकार और फ्रांस सरकार के बीच एक आशय पत्र (Letter of Intent) का आदान-प्रदान भी किया जा चुका है। प्रस्तावित सहयोग में संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम तैयार करना, ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स प्रोग्राम, भाषा प्रशिक्षण, मोबिलिटी सपोर्ट और विमानन एवं अंतरिक्ष क्षेत्रों में तकनीकी साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल होंगे।
गौरतलब है कि कानपुर में प्रस्तावित यह सेंटर उन पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में से एक है, जिनके लिए पिछले केंद्रीय बजट में PM-SETU योजना के तहत आवंटन किया गया था। अन्य चार सेंटर लुधियाना, भुवनेश्वर, हैदराबाद और चेन्नई में स्थापित किए जाने की योजना है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि कानपुर में बनने जा रहा यह राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षित विमानन पेशेवरों की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। साथ ही, यह उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में फ्रांस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती प्रदान करेगा। उनके अनुसार, यह पहल युवाओं को एविएशन, डिफेंस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में नए अवसरों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
स्पष्ट है कि भारत-फ्रांस एविएशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि आने वाले समय में भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।












