नई दिल्ली/17 जुलाई 2026: देश की बहुप्रतीक्षित भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के पहले चरण का संचालन वर्ष 2027 में शुरू किया जाएगा। इस शुरुआती सेवा के लिए जापान की नई ई-10 शिंकानसेन ट्रेन का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि परिचालन भारतीय हाई स्पीड ट्रेन से शुरू होगा।
सरकार का कहना है कि परियोजना तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है और दोनों देशों के बीच इस संबंध में पूरा समन्वय बना हुआ है।
15 अगस्त 2027 तक पहला खंड शुरू करने का लक्ष्य
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि सूरत और बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का पहला परिचालन खंड 15 अगस्त 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद परियोजना के शेष हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि शुरुआती परिचालन समय पर शुरू करना प्राथमिकता है, इसलिए उपलब्ध तकनीक के आधार पर भारतीय हाई स्पीड ट्रेन से सेवा आरंभ करने का निर्णय लिया गया है।
ई-10 शिंकानसेन ट्रेन अभी विकास के चरण में
विदेश मंत्रालय के अनुसार जापान की अत्याधुनिक ई-10 शिंकानसेन ट्रेनों का विकास और परीक्षण अभी जारी है। यही कारण है कि इन ट्रेनों के 2030 के शुरुआती वर्षों में उपलब्ध होने की संभावना है।
ऐसे में यदि केवल ई-10 ट्रेन का इंतजार किया जाता, तो परियोजना के पहले चरण के संचालन में अनावश्यक देरी होती। इसलिए भारत और जापान ने आपसी सहमति से पहले चरण की शुरुआत भारतीय हाई स्पीड ट्रेन से करने का फैसला किया है। बाद में ई-10 सीरीज उपलब्ध होने पर उन्हें भी इसी कॉरिडोर में शामिल किया जाएगा।
पूर्व जापानी मंत्री की टिप्पणी पर सरकार का जवाब
हाल ही में जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने सोशल मीडिया पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में कथित देरी को लेकर भारतीय पक्ष पर सवाल उठाए थे।
इस पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और यह परियोजना की वास्तविक प्रगति को नहीं दर्शाती। मंत्रालय ने दोहराया कि भारत और जापान इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और निर्माण कार्य तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
तकनीकी तैयारियां भी समय के अनुसार
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य तकनीकी उपकरणों की खरीद अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की गई है। पूरी तकनीकी योजना इस बात को ध्यान में रखकर तैयार की गई है कि परियोजना निर्धारित समय पर शुरू हो सके।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस विषय पर जापान की ओर से कोई अलग प्रस्ताव नहीं दिया गया है और दोनों देशों का साझा लक्ष्य यही है कि भारत में बुलेट ट्रेन सेवा जल्द से जल्द यात्रियों के लिए उपलब्ध हो।
भारत की हाई स्पीड रेल परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसे भारत और जापान के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि 2027 में पहले चरण के शुरू होने के बाद भारत हाई स्पीड रेल नेटवर्क के नए दौर में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही देश के आधुनिक परिवहन ढांचे को भी नई मजबूती मिलेगी और भविष्य में अन्य हाई स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए रास्ता आसान होगा।











