नई दिल्ली/17 जुलाई 2026। ईरान के रणनीतिक महत्व वाले चाबहार पोर्ट को लेकर भारत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि हालिया अमेरिकी सैन्य हमलों के दौरान भारत द्वारा संचालित शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित रहा। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार टर्मिनल को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी कार्रवाई को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंकाएं जताई जा रही थीं। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि उसके परिचालन वाले हिस्से पर हमलों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चाबहार बंदरगाह को लेकर अमेरिका की ओर से पहले प्रतिबंधों में एक विशेष छूट दी गई थी, जिसकी अवधि अब समाप्त हो चुकी है। इसके बाद भारत इस विषय पर संबंधित पक्षों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि हमलों से जुड़ी रिपोर्टें सरकार के संज्ञान में हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर भारतीय संचालन वाले शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इससे भारत की मौजूदा परिचालन गतिविधियों को लेकर तत्काल कोई प्रतिकूल सूचना नहीं है।
अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ी थी चिंता
अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया था कि ईरान के खिलाफ चलाए गए अपने सैन्य अभियान के दौरान इस सप्ताह चाबहार बंदरगाह क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया। इसके बाद भारत के हितों और वहां संचालित परियोजनाओं को लेकर स्वाभाविक रूप से सवाल उठने लगे थे।
विदेश मंत्रालय के ताजा बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय हितों से जुड़ा प्रमुख टर्मिनल सुरक्षित है और उसे किसी तरह का भौतिक नुकसान नहीं पहुंचा है।
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट?
चाबहार पोर्ट भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह बंदरगाह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से भारत लंबे समय से यहां बुनियादी ढांचे और संचालन से जुड़े कार्यों में निवेश करता रहा है।
हालिया घटनाक्रम के बीच भारत ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि वह अपने रणनीतिक हितों की सुरक्षा के साथ-साथ संबंधित देशों के साथ संवाद जारी रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के बयान से फिलहाल यह स्पष्ट है कि भारतीय संचालन वाला टर्मिनल सुरक्षित है और उस पर हमलों का कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ा है।











