नई दिल्ली (Tue, 10 Mar 2026)। बजट वेबिनार में पीएम मोदी ने सोमवार को देश के विकास की दिशा तय करने वाले छह प्रमुख क्षेत्रों—शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति—को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं को पूरा करने का संकल्प है।
प्रधानमंत्री ने विशेषज्ञों और हितधारकों के साथ आयोजित बजट वेबिनार में कहा कि इन क्षेत्रों में सही नीति और ठोस क्रियान्वयन से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत की सामाजिक और आर्थिक संरचना भी अधिक मजबूत होगी।
बजट वेबिनार में पीएम मोदी: शिक्षा को ‘रियल वर्ल्ड इकोनॉमी’ से जोड़ने पर जोर
बजट वेबिनार में पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली को तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के अनुरूप ढालना समय की मांग है। उनके अनुसार शिक्षा केवल डिग्री देने का माध्यम न रहे, बल्कि इसे रोजगार, नवाचार और उद्यमिता से सीधे जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में नई शिक्षा नीति (NEP) इसी दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार कर चुकी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि एआई (Artificial Intelligence), ऑटोमेशन, डिजिटल इकोनॉमी और डिजाइन आधारित विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों को शिक्षा के केंद्र में लाया जाए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों में यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसे नए मॉडल इस सोच को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे, जहां शिक्षा, उद्योग और शोध संस्थान एक साथ काम कर सकें।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेज कदम
वेबिनार में प्रधानमंत्री ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में मदद मिली है।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों के कारण अब गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।
पीएम मोदी ने ‘केयर इकोनॉमी’ को भविष्य का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि आने वाले दशक में भारत में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी, जिसके चलते प्रशिक्षित केयरगिवर्स की मांग भी बढ़ेगी। उन्होंने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से नए प्रशिक्षण मॉडल और साझेदारी विकसित करने के सुझाव देने का आग्रह किया, ताकि इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर बन सकें।
टेलीमेडिसिन और हेल्थ टेक्नोलॉजी को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने टेलीमेडिसिन की बढ़ती उपयोगिता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श ले पा रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जागरूकता और उपयोग में सहजता बढ़ाने की आवश्यकता है।
नई पीढ़ी का बदला हुआ माइंडसेट देश की ताकत
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत के युवाओं की सोच में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। अब गांव, कस्बे और महानगरों की सीमाओं से परे हर युवा कुछ नया करने की इच्छा रखता है।
उन्होंने कहा कि यह नई सोच भारत की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी ऊर्जा के आधार पर देश आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। इसके लिए जरूरी है कि शिक्षा प्रणाली को लगातार आधुनिक और अपग्रेड किया जाता रहे।
STEM में बेटियों की बढ़ती भागीदारी पर जताई खुशी
प्रधानमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में बेटियों की बढ़ती भागीदारी को देश के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि जब भारत भविष्य की तकनीकों की ओर बढ़ रहा है, तब यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि कोई भी बेटी अवसरों की कमी के कारण पीछे न रह जाए।
खेल क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास की धारा बताया
खेलों के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति तभी राष्ट्रीय शक्ति बनती है, जब वह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी हो। इसी सोच के साथ पिछले कुछ वर्षों में खेलों को राष्ट्रीय विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखा गया है।
उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र (Sports Ecosystem) को नई ऊर्जा दी है। अब आवश्यकता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाओं की पहचान अधिक प्रभावी तरीके से की जाए और खिलाड़ियों को संरचित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि आने वाले वर्षों में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और देश ओलंपिक के आयोजन की दिशा में भी प्रयासरत है। ऐसे में कम उम्र के खिलाड़ियों को पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना बेहद जरूरी होगा।
पर्यटन और संस्कृति में रोजगार की बड़ी संभावनाएं
वेबिनार के दौरान प्रधानमंत्री ने पर्यटन और संस्कृति को रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन स्थल देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकते हैं।
अगर इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रचार और कौशल विकास पर ध्यान दिया जाए तो लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार हो सकते हैं।












