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मेरठ IMLC परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी: गंगा एक्सप्रेसवे किनारे 200 एकड़ में बनेगा मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक क्लस्टर

On: March 10, 2026
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मेरठ IMLC परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी
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लखनऊ (Tue, 10 Mar 2026)। उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने मेरठ IMLC परियोजना को मंजूरी देते हुए गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (IMLC) स्थापित करने का फैसला किया है।

सरकारी जानकारी के अनुसार इस परियोजना के तहत औद्योगिक इकाइयों के लिए सड़क, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन अवसंरचनात्मक कार्यों पर 213.81 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है।

गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होगी मेरठ IMLC परियोजना

कैबिनेट की मंजूरी के बाद मेरठ IMLC परियोजना को गंगा एक्सप्रेसवे के निकट विकसित किया जाएगा। यह स्थान औद्योगिक निवेश के लिहाज से रणनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि एक्सप्रेसवे की वजह से परिवहन और लॉजिस्टिक्स की सुविधा बेहतर होगी।

परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्र में सड़क नेटवर्क, आरसीसी संरचनाएं, नालियां, फायर स्टेशन, पेयजल आपूर्ति, फेंसिंग और बिजली आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन सभी कार्यों पर कुल 213.81 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।

अटल इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत खर्च होगी राशि

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि अटल इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत खर्च की जाएगी।

इस क्लस्टर को विकसित करने की समयसीमा 18 महीने निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद मेरठ क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

एक्सप्रेसवे किनारे 29 IMLC स्थापित करने की योजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष राज्य के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से 29 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (IMLC) स्थापित करने की घोषणा की थी।

इसके बाद विभिन्न जिलों में इन क्लस्टरों के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक कार्यों की प्रक्रिया शुरू की गई है। मेरठ IMLC परियोजना इसी व्यापक औद्योगिक रणनीति का हिस्सा है।

तीन कंपनियों को 82.65 करोड़ रुपये की सब्सिडी

कैबिनेट बैठक में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेशी निवेश व त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत तीन कंपनियों को कुल 82.65 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

  • मेसर्स टीआई मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के मेडिकल डिवाइस पार्क में 215.20 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश पर 14.77 करोड़ रुपये की फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी दी जाएगी।
  • मेसर्स विजन सोर्स एलएलपी को 209.14 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश पर 65.35 करोड़ रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की गई है।
  • वहीं त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत मेसर्स यूनिलीवर इंडिया लिमिटेड, हमीरपुर (बुंदेलखंड) को जीएसटी मद में 2.53 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान करने को मंजूरी दी गई है।

औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि मेरठ IMLC परियोजना से औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के साथ विकसित होने वाला यह क्लस्टर लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक आकर्षक केंद्र बन सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक औद्योगिक ढांचा मिलने से निवेश बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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