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कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: वाराणसी में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, Semicon 2.0 समेत रेलवे और यूरिया परियोजनाओं को मंजूरी

On: July 15, 2026
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कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, वाराणसी में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
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नई दिल्ली/15 जुलाई 2026: केंद्र सरकार ने बुधवार को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण, मोबाइल फोन उत्पादन, रेलवे और उर्वरक क्षेत्र को नई गति देने वाले कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में कुल सात बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें वाराणसी के लिए दो प्रमुख सड़क परियोजनाएं, Semicon 2.0 मिशन, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, यूरिया निवेश नीति और दो रेलवे विस्तार परियोजनाएं शामिल हैं।

कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर Semicon 2.0 तक बड़ा पैकेज

बैठक के बाद केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता में बताया कि मंत्रिमंडल ने देश की औद्योगिक क्षमता, परिवहन नेटवर्क और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से सात महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर कुल 2,19,353 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

वाराणसी को मिलेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर

कैबिनेट का सबसे प्रमुख फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़ा रहा। शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए NH-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत करीब 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। इसमें 6 और 4 लेन का मुख्य मार्ग, फ्लाईओवर, रैंप, लूप और सर्विस रोड जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।

सरकार का कहना है कि इस कॉरिडोर के तैयार होने से वाराणसी शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को तेज एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

रिंग रोड और NH-19 को जोड़ने वाला नया लिंक कॉरिडोर

मंत्रिमंडल ने 46.039 किलोमीटर लंबे लिंक कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है, जो नेशनल हाईवे-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। यह परियोजना शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी।

इन दोनों परियोजनाओं से काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, वाराणसी सिटी स्टेशन, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, गंगा घाटों और चंदौली क्षेत्र तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान होगी।

Semicon 2.0 मिशन को मिली मंजूरी

भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ Semicon 2.0 मिशन को मंजूरी दी है।

सरकार का उद्देश्य देश में चिप निर्माण क्षमता बढ़ाना, घरेलू निवेश को प्रोत्साहन देना और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना है।

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा नया प्रोत्साहन

कैबिनेट ने मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य भारत को मोबाइल निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यूरिया-2026 के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत देश में 9 नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

रेलवे नेटवर्क होगा और मजबूत

रेलवे अवसंरचना के विस्तार के लिए भी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

  • पारादीप–हरिदासपुर रेलवे लाइन की डबलिंग पर 2,542 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • डांगोआपोसी–राजखरसवां सेक्शन के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण पर 1,365 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।

विकास और विनिर्माण पर सरकार का फोकस

बुधवार को लिए गए इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार एक साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। विशेष रूप से वाराणसी की सड़क परियोजनाएं और Semicon 2.0 मिशन आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाले कदम माने जा रहे हैं।

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