लखनऊ/14 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश की सियासत में मंगलवार शाम उस समय हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। भाजपा जहां आगामी चुनावों की तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही है, वहीं इस मुलाकात को भी राजनीतिक गलियारों में खास नजर से देखा जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन इसके बाद संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
CM योगी-अमित शाह मुलाकात: दिल्ली में हुई शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार देर शाम नई दिल्ली स्थित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई, जिसे आधिकारिक तौर पर शिष्टाचार भेंट बताया गया।
हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियां तेज किए जाने के बीच इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा ने तेज की चुनावी तैयारियां
उत्तर प्रदेश में चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार गति दे रही है। हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे के बाद संगठन स्तर पर चुनावी तैयारियों को और सक्रिय किया गया है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी और अमित शाह की मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में संगठनात्मक रणनीति और संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, इन अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
11 जुलाई की बैठक में तय हुआ चुनावी रोडमैप
भाजपा की प्रदेश इकाई ने 11 जुलाई को हुई बैठक में पदाधिकारियों को चुनाव तक चलने वाले आठ प्रमुख कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी थी। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है।
इसी रणनीति के तहत 19 से 22 जुलाई के बीच प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों के जरिए कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और चुनावी तैयारी को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
राजनीतिक हलकों की नजर आगे की गतिविधियों पर
दिल्ली में हुई CM योगी-अमित शाह मुलाकात के बाद राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब भाजपा की आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी कार्यक्रमों पर टिकी हुई है। हालांकि, फिलहाल पार्टी की ओर से इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार भेंट बताया गया है और किसी बड़े निर्णय या बदलाव की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।








