कोलकाता/14 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल के लिए मंगलवार का दिन विकास योजनाओं के लिहाज से अहम रहा। राज्य में वर्षों से लंबित 82,492 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अब तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही 125 दिन रोजगार योजना में मजदूरी बढ़ाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख नए घरों को मंजूरी देने और हजारों किलोमीटर सड़कों के निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कोलकाता के नवान्न में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क, आवास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी साझा की गई।
82,492 करोड़ रुपये की लंबित परियोजनाओं को मिलेगी गति
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रेल, सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग और मेट्रो सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं। अब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत ढांचा राज्य के आर्थिक विकास और निवेश को नई गति देगा।
125 दिन रोजगार योजना में बढ़ी मजदूरी
बैठक में रोजगार योजना को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। 125 दिन रोजगार योजना के तहत अब अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी 260 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार—
- अकुशल श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन
- अर्द्धकुशल श्रमिकों को 450 रुपये प्रतिदिन
- कुशल श्रमिकों को 600 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
राज्य में अब तक 2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों की पहचान की जा चुकी है। वहीं प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से काम प्रभावित होने की स्थिति में श्रमिकों को अतिरिक्त 50 दिनों के रोजगार का भी प्रावधान किया गया है।
केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 31 मार्च तक 8,500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की पुष्टि की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख नए घर
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्य में एक लाख नए घरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि लाभार्थियों की सूची तैयार करने की अंतिम तिथि, जो पहले 20 जुलाई निर्धारित थी, उसे बढ़ाकर 15 अगस्त कर दिया गया है। राज्य सरकार ने मानसून और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए समय बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे केंद्र ने स्वीकार कर लिया।
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राज्य की कृषि भूमि का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा, ताकि अलग-अलग जिलों की मिट्टी के अनुसार उपयुक्त फसलों की पहचान की जा सके।
इसके लिए चार कृषि प्रशिक्षण केंद्र और अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
इसके अलावा मालदा में आम, लीची और अन्य फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का प्रमुख बीज उत्पादन केंद्र बनाने की दिशा में भी काम शुरू करने की घोषणा की है।
2400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पश्चिम बंगाल में 2400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। पहले चरण के लिए 1,000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
इसके अलावा दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, बीरभूम और पुरुलिया जिलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना लागू की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
‘विकसित भारत’ के लिए बंगाल का विकास जरूरी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल का समग्र विकास, विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से कृषि, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से अटकी परियोजनाओं को अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, ताकि राज्य के लोगों को विकास का सीधा लाभ मिल सके।
एक नजर में बड़े फैसले
- 82,492 करोड़ रुपये की लंबित विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति।
- 125 दिन रोजगार योजना में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन हुई।
- 2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों की पहचान पूरी।
- योजना के लिए 8,500 करोड़ रुपये का आवंटन।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख नए घरों को मंजूरी।
- 2400 किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति।
- दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, बीरभूम और पुरुलिया में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना लागू होगी।
- मालदा में फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना।
- चार कृषि प्रशिक्षण केंद्र और अनुसंधान प्रयोगशालाओं की स्थापना।
- पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनाने की तैयारी।











