लखनऊ/14 जुलाई 2026: लखनऊ को उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों और नेपाल सीमा से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। Lucknow Nainital Expressway परियोजना के तहत करीब 300 किलोमीटर लंबा गोमती एक्सप्रेसवे प्रस्तावित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 13,670 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। एक्सप्रेसवे बनने के बाद राजधानी से नैनीताल, हल्द्वानी और दुधवा नेशनल पार्क तक सफर पहले के मुकाबले अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही नेपाल सीमा तक पहुंच भी आसान होगी।
Lucknow Nainital Expressway से पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) परियोजना और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के तहत तैयार इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) करेगा।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करेगा। इससे हल्द्वानी, नैनीताल और दुधवा नेशनल पार्क जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी तेज संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के अनुसार निर्माण कार्य वर्ष 2027 में शुरू करने और 2036 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल एक्सप्रेसवे के रूट निर्धारण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
रास्ते के जिलों में बढ़ेंगे निवेश और रोजगार के अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि नया एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का समय कम नहीं करेगा, बल्कि इसके किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना बढ़ेगी।
लखनऊ को मिलेगा नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के तहत लखनऊ के लिए एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित करने का भी प्रस्ताव है। करीब 6,000 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 12,800 करोड़ रुपये रखी गई है। इसे भी वर्ष 2036 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह परियोजना भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के माध्यम से विकसित की जाएगी और इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण के विजन प्लान-2036 में शामिल किया गया है।
4.7 किमी रनवे से मिलेंगी लंबी दूरी की सीधी उड़ानें
नए एयरपोर्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसका 4.7 किलोमीटर लंबा रनवे होगा। वर्तमान चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमौसी का रनवे लगभग 2.72 किलोमीटर लंबा है, जिससे बड़े विमानों के संचालन की सीमाएं बनी रहती हैं।
नए रनवे के तैयार होने के बाद लखनऊ से अमेरिका, यूरोप और अन्य दूरस्थ अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानों की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही मौजूदा अमौसी एयरपोर्ट को आधुनिक कार्गो टर्मिनल के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे उत्तर प्रदेश के निर्यात और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिल सकता है।
एलडीए ने बताया विकास का रोडमैप
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, स्टेट कैपिटल रीजन और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के तहत शहर में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई परियोजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं का प्रस्तुतीकरण शासन के समक्ष किया जा चुका है। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद न केवल लखनऊ, बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और विकास का लाभ मिलेगा।










