लखनऊ, 10 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को और विस्तार देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मंगलवार को आयोजित प्रगति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने और सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा।
बैठक में प्रदेश की कई महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से राज्य में निवेश बढ़ेगा, औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और क्षेत्रीय विकास का संतुलन मजबूत होगा।
प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण तेज करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इन प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय और अधिग्रहण की प्रक्रिया को तुरंत गति दी जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत अवसंरचना आधार अत्यंत जरूरी है। इसलिए सभी विभागों को समयसीमा का पालन करते हुए पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करना होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर तेजी से चल रहा काम
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य कैरिजवे निर्माण पूरा हो चुका है और बाकी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शेष कार्य भी समयबद्ध तरीके से पूरे कर एक्सप्रेसवे को जल्द संचालन के लिए तैयार किया जाए।
साथ ही मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के प्रस्ताव पर भी काम जारी है, जिसकी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा।
जेवर एयरपोर्ट परियोजना की भी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि एयरपोर्ट को हाल ही में प्रोविजनल एरोड्रम लाइसेंस मिल चुका है और भूमि अधिग्रहण समेत अन्य विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एयरपोर्ट से जुड़े सभी विकास कार्यों को आपसी समन्वय के साथ जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह परियोजना समय पर शुरू हो सके।
लॉजिस्टिक और परिवहन हब पर भी जोर
बैठक में ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।
वहीं नोएडा के चिल्ला एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना के संबंध में उन्होंने निर्माण गुणवत्ता और अनुबंध शर्तों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सिंचाई, ऊर्जा और पर्यटन परियोजनाओं पर भी चर्चा
बैठक में मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) और एरच सिंचाई परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
ऊर्जा क्षेत्र में रिहंद-ओबरा क्षेत्र में प्रस्तावित पंप स्टोरेज परियोजना, तापीय विद्युत संयंत्रों के पर्यावरणीय उन्नयन और झांसी में प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
पर्यटन और औद्योगिक विकास परियोजनाओं को भी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की वृंदावन योजना में प्रस्तावित एग्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर और कुकरेल क्षेत्र में प्रस्तावित नाइट सफारी परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
इसके अलावा बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण कार्य को जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मैनपॉवर लगाने को भी कहा।
विकास परियोजनाएं बदलेंगी प्रदेश की तस्वीर
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये निवेश, रोजगार और नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव लाने का आधार बनेंगी।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि समन्वित और लक्ष्य आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश के विकास को नई गति मिल सके।









