वाराणसी, 1 मार्च 2026 (रविवार)। दो दिवसीय सीएम योगी वाराणसी दौरा के पहले दिन मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सर्किट हाउस सभागार में विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था की लंबी समीक्षा बैठक की। बैठक का स्वर साफ था—जनता के साथ शालीन व्यवहार, धार्मिक स्थलों पर अनुशासन और अवैध कारोबार पर सख्त प्रहार।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि Kashi Vishwanath Temple में दर्शनार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। “आस्था के केंद्र पर अव्यवस्था की शिकायत नहीं आनी चाहिए,” उन्होंने पुलिस और मंदिर प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा।
घाटों और कॉरिडोर में तेजी, धरोहर का संरक्षण जरूरी
मुख्यमंत्री ने Manikarnika Ghat और Harishchandra Ghat के निर्माण कार्य में मैनपावर बढ़ाकर तेजी लाने को कहा। साथ ही यह भी दोहराया कि ऐतिहासिक धरोहरों से कोई समझौता नहीं होगा।
Kashi Vishwanath Corridor में बनी दुकानों तक श्रद्धालुओं की सहज पहुंच और वस्तुओं के उचित मूल्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री का कहना था कि धार्मिक स्थल कमाई का माध्यम नहीं, बल्कि श्रद्धा का केंद्र हैं।
गोदौलिया में निर्माणाधीन रोप-वे स्टेशन पर यात्रियों के चढ़ने-उतरने की सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ कार्य में तेजी लाने को कहा गया। साथ ही किराया “तार्किक” रखने की भी हिदायत दी गई, ताकि आमजन पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
अमृत-2 योजना और 17 हजार करोड़ की परियोजनाएं
नगर में सीवरेज और जलापूर्ति के लिए अमृत-2 योजना के तहत चल रहे कार्यों की सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की खुदाई के बाद मरम्मत प्राथमिकता से होनी चाहिए।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वाराणसी में वर्तमान में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की 74 परियोजनाएं संचालित हैं। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया।
जहरीली शराब और अवैध कारोबार पर सख्त रुख
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से दो टूक कहा—“कहीं भी अवैध और जहरीली शराब की बिक्री न होने पाए।” अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने गोतस्करी, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था पर कार्रवाई की जानकारी दी। एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने 14 और 15 मार्च को प्रस्तावित पुलिस उपनिरीक्षक परीक्षा की तैयारियों से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने कोडिन कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने साफ कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पुलिस कर्मियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
नई परंपराओं पर रोक, धार्मिक गतिविधि परिसर तक सीमित
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि धार्मिक आयोजन संबंधित परिसर के भीतर ही हों। “नई परंपराओं की अनुमति नहीं होगी,” उन्होंने कहा। सड़कों पर अतिक्रमण, तेज साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर भी सख्ती के निर्देश दिए गए।
स्कूली बच्चों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सभी जिम की जांच कराने और महिला ट्रेनर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात भी बैठक में उठी।
प्रशासनिक जवाबदेही और जनसुनवाई
मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व वादों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर बल दिया। नियमित जनसुनवाई और उद्योग-व्यापार बंधु बैठकों के माध्यम से शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
गर्मी को देखते हुए पेयजल की समस्या न हो, विद्युत तारों की अंडरग्राउंड केबलिंग मानक के अनुरूप हो—इन बिंदुओं पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
सीएम योगी वाराणसी दौरा केवल औपचारिक समीक्षा नहीं था, बल्कि प्रशासन और पुलिस के लिए स्पष्ट संदेश भी था—जनता के साथ शालीन व्यवहार, विकास कार्यों में पारदर्शिता और अवैध कारोबार पर बिना समझौते की कार्रवाई।
वाराणसी जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगर में व्यवस्था और संवेदनशीलता का संतुलन ही प्रशासन की असली परीक्षा है—और मुख्यमंत्री ने यही कसौटी अधिकारियों के सामने रख दी है।









