वाराणसी (शनिवार, 31 अक्टूबर 2026)। पूर्वांचल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में शनिवार को नई पहल हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश का स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है। वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं बदलते और विकसित होते भारत की तस्वीर पेश कर रही हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तैयार होने के बाद दिल्ली से वाराणसी का सफर लगभग 3 घंटे 33 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, मौजूदा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह दूरी रातभर के सफर में तय होगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, नियमित समय-सारिणी में वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में 9 घंटे 20 मिनट लगेंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का टाइम टेबल, रात में चलेगी और सुबह पहुंचेगी दिल्ली
नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके समय की प्रमुख जानकारी इस प्रकार है:
| विवरण | समय |
|---|---|
| वाराणसी से प्रस्थान | रात 8:50 बजे |
| नई दिल्ली आगमन | सुबह 6:10 बजे |
| कुल यात्रा अवधि | 9 घंटे 20 मिनट |
| दिल्ली से प्रस्थान | रात 9:40 बजे |
| वाराणसी आगमन | सुबह 7:10 बजे |
| संचालन | सप्ताह में 6 दिन |
यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार और दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को संचालित नहीं होगी।
रेलवे के मुताबिक, मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और वापसी में 35 मिनट की बचत करेगी।
बुलेट ट्रेन से दिल्ली से काशी पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 3 घंटे 33 मिनट
कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इसके विकसित होने पर दिल्ली से उत्तर प्रदेश और आगे पूर्वोत्तर तक हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर में दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी को जोड़ने की योजना बताई गई है। आगे इसे गुवाहाटी तक विस्तारित करने की परिकल्पना है।
रेल मंत्री के मुताबिक, बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद अलग-अलग शहरों के बीच यात्रा का अनुमानित समय इस प्रकार होगा:
| प्रस्तावित रेल मार्ग | अनुमानित यात्रा समय |
|---|---|
| दिल्ली-आगरा | 59 मिनट |
| दिल्ली-कानपुर | 1 घंटा 45 मिनट |
| दिल्ली-लखनऊ | 2 घंटे 12 मिनट |
| दिल्ली-वाराणसी | 3 घंटे 33 मिनट |
| लखनऊ-वाराणसी | 1 घंटा 21 मिनट |
ये समय प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए बताए गए हैं। यह मौजूदा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की समय-सारिणी नहीं है।
सीएम योगी बोले- रेलवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं, विकास की धुरी भी है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रेलवे का महत्व केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है। यह आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी गति देता है।
उन्होंने कहा कि बेहतर रेल नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी की उपयोगिता और अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी की आबादी और शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में लंबी दूरी की रेल सेवाओं के साथ स्थानीय परिवहन को मजबूत करना भी जरूरी है।
31 अक्टूबर को शुरू हुईं तीन महत्वपूर्ण रेल सेवाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर को वाराणसी से तीन महत्वपूर्ण रेल सेवाओं की शुरुआत की गई है। इनमें वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच मेमू सेवाएं और प्रयागराज के लिए नई रेल सेवा शामिल हैं।
मेमू ट्रेनों के संचालन से वाराणसी और आसपास के इलाकों के यात्रियों को स्थानीय आवागमन में सहूलियत मिलेगी। वहीं प्रयागराज के लिए नई रेल सेवा से यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।
सीएम योगी ने छात्रों के लिए रियायती मासिक पास की सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वाराणसी सिटी से राजातालाब तक 95 रुपये और वाराणसी से प्रयागराज तक मेमू से यात्रा के लिए 220 रुपये का मासिक पास उपलब्ध कराया जाएगा।
इन सेवाओं के माध्यम से लंबी दूरी की यात्रा और स्थानीय परिवहन, दोनों क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य और महापौर अशोक तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली से लैस यह ट्रेन श्रद्धालुओं, पर्यटकों, युवाओं और व्यापारियों की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगी।
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह रेल सेवा बाबा विश्वनाथ के दर्शन और संगम की यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होगी।









