लखनऊ (Wed, 22 Oct 2025) — उत्तर प्रदेश में 27 अक्टूबर से प्रस्तावित डीएलएड (Diploma in Elementary Education) परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए मांग की है कि DElEd Exam Date 2025 को आगे बढ़ाकर छठ महापर्व के बाद तय किया जाए।
छठ पर्व से टकराई परीक्षा तिथि, महिला अभ्यर्थियों को होगी परेशानी
शिक्षक संघ का कहना है कि निर्धारित परीक्षा तिथि छठ महापर्व से टकरा रही है, जिसके चलते हजारों महिला अभ्यर्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
संघ के संरक्षक विजय कुमार सिंह, अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह और प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि “डीएलएड परीक्षा की लगभग 50% प्रतिभागी महिलाएं हैं, जो इस अवधि में छठ पर्व का व्रत रखती हैं। ऐसे में परीक्षा और धार्मिक आस्था दोनों को निभाना उनके लिए बेहद कठिन होगा।”
‘परीक्षा कार्यक्रम तय करते वक्त स्थिति की गंभीरता पर नहीं दिया गया ध्यान’
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि परीक्षा तिथि निर्धारित करते समय न तो सामाजिक परिस्थिति को देखा गया और न ही पर्व-त्योहारों के कैलेंडर को। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था और परीक्षा, दोनों के प्रति न्याय का विषय बताया।
संघ के अनुसार, “डीएलएड परीक्षा राज्यभर में आयोजित की जाती है। अगर तिथि में बदलाव नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थी या तो परीक्षा छोड़ेंगे या छठ व्रत का पालन नहीं कर पाएंगे — दोनों ही स्थितियां अनुचित हैं।”
परीक्षा तिथि पर पुनर्विचार की अपील
संघ ने मांग की है कि परीक्षा तिथि पर पुनर्विचार कर छठ पर्व के बाद परीक्षा आयोजित की जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को धार्मिक संवेदनशीलता और अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
DElEd Exam Date 2025 को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा
जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे DElEd Exam Date 2025 को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई महिला अभ्यर्थियों ने सरकार से परीक्षा स्थगित करने की अपील की है। उनका कहना है कि “छठ हमारे जीवन का सबसे बड़ा पर्व है, इसे छोड़कर परीक्षा देना संभव नहीं।”
राज्य सरकार पर निर्णय का दबाव
अब सबकी निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार और परीक्षा नियामक प्राधिकरण प्रयागराज पर हैं, जो डीएलएड परीक्षा का संचालन करता है। यदि सरकार धार्मिक भावना को देखते हुए परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लेती है, तो इसे अभ्यर्थियों के लिए एक राहत भरा कदम माना जाएगा।







