नई दिल्ली/5 नवंबर 2026: दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले सप्ताह तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत मैदानी इलाकों में बारिश के आसार कम हैं। दूसरी ओर, राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंता बढ़ा रही है। कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंचने से लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली-NCR का मौसम: पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के आसार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसका असर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
हालांकि, मैदानी इलाकों में इस मौसम प्रणाली का प्रभाव सीमित रहने का अनुमान है। 8 नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के अधिकांश मैदानी हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है।
दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में AQI 400 के पार
मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़े चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं।
| शहर | AQI |
|---|---|
| दिल्ली | 463 |
| नोएडा | 456 |
| ग्रेटर नोएडा | 426 |
इन आंकड़ों के मुताबिक, तीनों शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है। गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में भी प्रदूषण का स्तर 400 के पार बताया गया है।
हवा में प्रदूषक तत्वों की अधिकता के बीच बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और शाम के समय बाहर निकलते हुए प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखना भी जरूरी होगा।
दिल्ली में कितना रहेगा तापमान, कब बढ़ेगी ठंड?
दिल्ली में आने वाले दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
अगले सप्ताह तापमान में और गिरावट आने से ठंड बढ़ सकती है। सुबह के समय कोहरा भी धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। ऐसे में राजधानी में दिन के समय हल्की गर्माहट के बावजूद सुबह और रात में ठंड का एहसास बढ़ सकता है।
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में मौसम साफ रहने और हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में होने वाले बदलाव पर नजर बनी रहेगी।
दक्षिण भारत में चक्रवात ‘मुरासु’ के बाद भी बारिश का दौर
उत्तर भारत में जहां मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद कमजोर पड़ गया है। इसके बावजूद दक्षिण भारत में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के कुछ इलाकों में वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल, माहे और कराईकल में 8 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक के आसपास भी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर भारत में शुष्क मौसम, दक्षिण में बारिश
मौसम की मौजूदा स्थिति से उत्तर और दक्षिण भारत के मौसम में अंतर साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल बारिश की संभावना कम है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए आने वाले दिनों में दो प्रमुख चुनौतियां रहेंगी—बढ़ती ठंड और गंभीर वायु प्रदूषण। ऐसे में मौसम के साथ-साथ वायु गुणवत्ता पर भी नजर रखना जरूरी होगा।










