नई दिल्ली/5 नवंबर 2026: भारत में मेट्रो रेल का विस्तार पिछले एक दशक में शहरी परिवहन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2014 में देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी और नेटवर्क की कुल लंबाई 248 किलोमीटर थी। अब मेट्रो का दायरा बढ़कर 26 शहरों और करीब 1,200 किलोमीटर तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश में रोजाना एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं।
5 शहरों से 26 शहरों तक पहुंचा भारत का मेट्रो नेटवर्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को शहरी भारत में आए बड़े बदलाव का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अगर 2014 से पहले मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार की रफ्तार जारी रहती, तो पुणे जैसे शहरों को मेट्रो सेवा के लिए कई दशकों तक इंतजार करना पड़ सकता था।
पीएम मोदी के मुताबिक, आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से लोगों का समय बच रहा है। सड़क पर जाम में कम समय बिताने से लोगों को परिवार के साथ अधिक वक्त मिलता है। इसके साथ ही कामकाज की उत्पादकता और रोजगार के अवसरों तक पहुंच में भी सुधार होता है।
आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 तक देश में 1,155 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क चालू था। अब पुणे मेट्रो की नई लाइन के शुभारंभ के बाद नेटवर्क के करीब 1,200 किलोमीटर तक पहुंचने की बात कही गई है।
रोजाना एक करोड़ से ज्यादा यात्री कर रहे मेट्रो से सफर
मेट्रो नेटवर्क का विस्तार केवल शहरों और किलोमीटर की संख्या तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेट्रो से यात्रियों को सड़क पर लगने वाले जाम में कम समय बिताना पड़ता है। इससे लोगों के समय की बचत होती है और कामकाज के साथ-साथ परिवार के लिए भी अधिक समय मिल सकता है।
देश में मेट्रो यात्रियों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013-14 में रोजाना करीब 28 लाख लोग मेट्रो से सफर करते थे। वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 1.15 करोड़ से अधिक हो गई है।
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन से IT हब को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 नवंबर को पुणे मेट्रो की नई पिंक लाइन यानी लाइन-3 का भी जिक्र किया था। करीब 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगा।
इस परियोजना का उद्देश्य पुणे के प्रमुख आईटी और व्यावसायिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। हिंजेवाड़ी में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां और रोजगार केंद्र मौजूद हैं। ऐसे में इस मेट्रो लाइन से रोजाना यात्रा करने वाले कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन की कुछ खास बातें:
- करीब 23 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर।
- हिंजेवाड़ी आईटी हब से शिवाजीनगर तक कनेक्टिविटी।
- पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा संचालन।
- परियोजना की लगभग 30 प्रतिशत बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना।
इस पहल को महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
मेट्रो विस्तार से शहरों में क्या बदलेगा?
भारत में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के लिए सार्वजनिक परिवहन की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहरों के यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मेट्रो से सड़क पर निजी वाहनों की निर्भरता कम होने, यात्रा समय बचने और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद रहती है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मेट्रो स्टेशन बस, रेलवे और अन्य परिवहन सेवाओं से कितनी अच्छी तरह जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार शहरी भारत में ऐसे बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे लोगों का जीवन आसान हो सके। देश में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।










