लखनऊ, 30 अक्टूबर 2025 (गुरुवार): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को देव दीपावली वाराणसी 2025 (Dev Deepawali Varanasi 2025) की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि यह आयोजन समयबद्ध, व्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार की देव दीपावली “क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी” के भाव को साकार करेगी, जहाँ श्रद्धालु आस्था, अनुशासन और सौंदर्य का अद्भुत संगम देखेंगे।
‘देव दीपावली काशी की सनातन परंपरा और गंगा आराधना का अद्वितीय संगम’
मुख्यमंत्री ने कहा कि देव दीपावली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोक आस्था का जीवंत प्रतीक है।
“काशी की देव दीपावली वह क्षण है जब दीप केवल ज्योति नहीं, बल्कि धर्म, कर्तव्य और राष्ट्रभाव के प्रतीक बन जाते हैं,”
— सीएम योगी आदित्यनाथ
उन्होंने निर्देश दिया कि इस आयोजन को इस प्रकार किया जाए कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा और आध्यात्मिक चेतना का विश्व संदेश बन सके।
‘गंगा महोत्सव से देव दीपावली तक— अनुशासन और सौंदर्य का संगम’
मुख्यमंत्री ने 1 से 4 नवंबर तक होने वाले गंगा महोत्सव और 5 नवंबर को आयोजित होने वाली देव दीपावली दोनों के लिए तैयारियों की रूपरेखा तय की।
उन्होंने कहा कि घाटों की प्रकाश सज्जा, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनसहभागिता की तैयारियाँ इस प्रकार हों कि श्रद्धा और सौंदर्य का समन्वय दिखे।
भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाए ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने।
‘स्मार्ट लाइटिंग, थीम डेकोरेशन और हाई-टेक मॉनिटरिंग’
सीएम योगी ने पर्यटन, नगर निगम, पुलिस, जल पुलिस, संस्कृति, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, विद्युत और स्वास्थ्य विभागों को विशेष निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार देव दीपावली वाराणसी 2025 (Dev Deepawali Varanasi 2025) की तैयारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने घाटों पर स्मार्ट लाइटिंग, फ्लोरल डेकोरेशन, थीम-बेस्ड इंस्टॉलेशन, और ड्रोन व सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने को कहा।
साथ ही घाटों, गलियों और प्रमुख मार्गों की सफाई-सज्जा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि क्लीन काशी का संदेश व्यवहार में भी दिखे।
“हर दीप में आस्था की ज्योति और हर घाट पर अनुशासन की झलक हो — यही काशी की पहचान है।”
— सीएम योगी आदित्यनाथ
‘श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे और कमांड सेंटर से CCTV फीड की निरंतर निगरानी की जाए। श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त शौचालय, पेयजल, चिकित्सीय सहायता और प्राथमिक उपचार केंद्र की व्यवस्था की जाए।
घाटों पर आपातकालीन नौका और एम्बुलेंस सेवाएँ भी उपलब्ध रहें। उन्होंने नाविकों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग और निर्धारित रूट की जानकारी देने के निर्देश दिए।
‘प्रकाश, संगीत और तकनीक का भव्य संगम’
मुख्यमंत्री ने बताया कि चेत सिंह घाट पर 25 मिनट के प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन तीन बार लेज़र शो आयोजित किया जाएगा।
काशी विश्वनाथ घाट से चेत सिंह घाट के बीच रेत पर सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन, और ग्रीन आतिशबाजी व संगीत कार्यक्रम के साथ 10 मिनट का ग्रीन फायरक्रैकर शो भी होगा।
यह आयोजन न केवल दृश्य आनंद देगा, बल्कि सस्टेनेबल फेस्टिवल का संदेश भी प्रसारित करेगा।
‘नाविकों और स्थानीय कलाकारों की भूमिका अहम’
योगी ने कहा कि नाविक समुदाय काशी की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, उनका उत्साह और सहयोग देव दीपावली की गरिमा को और बढ़ाता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि उन्हें पूरा सहयोग मिले और श्रद्धालुओं को सुरक्षित नौका सेवाएँ प्राप्त हों।
उन्होंने गंगा तटों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों, विद्यालयों, महिला समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं और धर्माचार्यों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
‘देव दीपावली का भाव— अनुशासन, आस्था और आत्मबल का उत्सव’
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी का यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और आत्मबल का उत्सव है।
“काशी आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ की स्वच्छता, व्यवस्था और अनुशासन देखकर ‘अतिथि देवो भवः’ की भारतीय परंपरा का साक्षात अनुभव करें,”
— सीएम योगी आदित्यनाथ
उन्होंने कहा कि Dev Deepawali Varanasi 2025 आयोजन के माध्यम से भारत की संस्कृति, व्यवस्था और जनभागीदारी का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाए, जिससे पूरी दुनिया ‘डिवाइन काशी’ की भावना से अभिभूत हो।







