लखनऊ, 1 मई 2026। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। Ganga Expressway पर अब लोग शुरुआती 15 दिनों तक बिना टोल दिए सफर कर सकेंगे। यह निर्णय योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लिया गया है, जिससे आम यात्रियों को सीधे राहत मिलेगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे के कमर्शियल ऑपरेशन की तिथि से 15 दिनों तक किसी भी वाहन से टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस दौरान लोग बिना किसी शुल्क के इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का अनुभव कर सकेंगे—चाहे वह दैनिक यात्री हों या लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवर।
यूपीडा का आदेश: कंपनियों को टोल वसूली रोकने के निर्देश
इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने एक्सप्रेसवे के कन्सेशनैयर्स—IRB Infrastructure Developers Ltd. और Adani Infrastructure—को टोल कलेक्शन रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस अवधि में होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य खुद करेगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर भरोसा भी मजबूत होगा।
594 किलोमीटर का सफर, 12 जिलों को जोड़ता हाई-स्पीड कॉरिडोर
Ganga Expressway करीब 594 किलोमीटर लंबा है, जो मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—को जोड़ता है।
पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर विकसित इस परियोजना को डीबीएफओटी (Design, Build, Finance, Operate, Transfer) के तहत तैयार किया गया है। इसकी डिज़ाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा रखी गई है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा काफी तेज और सुगम हो जाएगी।
15 दिन बाद क्या होगा टोल? जानिए पूरा गणित
टोल फ्री अवधि खत्म होने के बाद इस एक्सप्रेसवे पर सफर पूरी तरह भुगतान आधारित होगा। अधिकारियों के अनुसार:
- बेस टोल रेट: करीब ₹2.55 प्रति किलोमीटर
- मेरठ से प्रयागराज तक कार/जीप का अनुमानित टोल: लगभग ₹1800
उदाहरण के तौर पर, मेरठ से बदायूं (130 किमी) तक का टोल करीब ₹435 होगा, जिसमें बेस प्राइस के साथ स्ट्रक्चरल लागत भी शामिल है।
टोल का निर्धारण एक तय फॉर्मूले के तहत किया गया है, जिसमें निर्माण लागत, स्ट्रक्चर और होलसेल प्राइस इंडेक्स जैसे फैक्टर जोड़े जाते हैं।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार को उम्मीद है कि Ganga Expressway को शुरुआती 15 दिनों तक टोल फ्री रखने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लोग नई सड़क पर यात्रा का अनुभव लेने निकलेंगे, जिससे आसपास के क्षेत्रों में होटल, ढाबा और छोटे व्यवसायों को फायदा हो सकता है।
यह पहल केवल एक राहत योजना नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम भी मानी जा रही है—जिससे एक्सप्रेसवे के उपयोग को तेजी से बढ़ाया जा सके।
इन्फ्रास्ट्रक्चर की नई पहचान बनता उत्तर प्रदेश
करीब ₹36,230 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की नई पहचान बनकर उभर रहा है। सुरक्षा, मेंटेनेंस और आधुनिक सुविधाओं के लिहाज से इसे देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे में शामिल किया जा रहा है।
निष्कर्ष: मुफ्त सफर से भरोसा, फिर शुरू होगा असली ट्रैफिक टेस्ट
Ganga Expressway पर 15 दिन का मुफ्त सफर एक तरह से ‘ट्रायल रन’ भी है, जहां आम लोग इसकी गुणवत्ता और सुविधाओं को खुद परख सकेंगे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि टोल लागू होने के बाद भी क्या इस एक्सप्रेसवे पर वही रफ्तार और लोकप्रियता बनी रहती है—या फिर यह मुफ्त यात्रा ही लोगों को सबसे ज्यादा याद रह जाएगी।








