राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

GDP Growth: 7.8% की रफ्तार के बीच PM मोदी की अपील- विदेश यात्रा और गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचें

On: September 1, 2026
Follow Us:
GDP Growth, PM मोदी की अपील- विदेश यात्रा और गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचें
---Advertisement---

नई दिल्ली, 01 सितंबर 2026। भारत की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक अस्थिरता के बीच अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% GDP Growth दर्ज कर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस मजबूत आर्थिक रफ्तार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने के साथ-साथ गैर-जरूरी विदेश यात्राओं और सोने की खरीद से बचने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में 7.8 प्रतिशत की विकास दर को देशवासियों की सामूहिक मेहनत और संकल्प का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता और बाधित सप्लाई चेन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

GDP Growth के बीच PM मोदी ने स्वदेशी पर क्यों दिया जोर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया में मौजूदा परिस्थितियां आसान नहीं हैं। युद्ध और संकटों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौर से शुरू हुई अस्थिरता के बाद भी दुनिया को पूरी तरह स्थिरता नहीं मिल सकी है। इसके बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने 7.8 प्रतिशत की विकास दर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की सामूहिक शक्ति और नागरिकों की मेहनत का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय देशवासियों के संकल्प और परिश्रम को दिया।

उनका संदेश केवल आर्थिक आंकड़े पर खुशी मनाने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी और खर्च से लेकर पर्यटन और शादी जैसे बड़े खर्चों को भी देश की अर्थव्यवस्था से जोड़कर देखने की अपील की।

विदेश यात्रा के बजाय भारत में पर्यटन की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से अपील की कि यदि विदेश यात्रा जरूरी न हो तो फिलहाल उससे बचें और देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा दें। उन्होंने विशेष रूप से विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित करने के बजाय भारत में ही शादी समारोह करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने ‘वेड इन इंडिया’ की भावना को आगे बढ़ाने की बात कही। इसके पीछे मूल विचार यही है कि भारतीय परिवारों का बड़ा खर्च देश के भीतर रहे। इससे पर्यटन, होटल, परिवहन, खान-पान, इवेंट मैनेजमेंट और स्थानीय कारोबार से जुड़े अनेक क्षेत्रों को सीधे लाभ मिल सकता है।

भारत में ही शादी और पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में पैसा घूमता है और छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए मांग पैदा होती है। ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, घरेलू मांग को मजबूत रखना अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

PM मोदी ने सोना खरीदने से क्यों किया मना?

प्रधानमंत्री ने लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीद से भी बचने की अपील की। उन्होंने साफ कहा कि यदि सोना खरीदना आवश्यक न हो तो फिलहाल इसे टाला जा सकता है।

सोना भारत में केवल निवेश का साधन नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी इसका गहरा महत्व है। शादी-ब्याह और त्योहारों से लेकर पारिवारिक बचत तक, सोने की भूमिका लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह अपील घरेलू खर्च और विदेशी मुद्रा पर दबाव को लेकर व्यापक आर्थिक सोच से जुड़ी दिखाई देती है।

वैश्विक तनाव के समय ऊर्जा, कच्चे माल और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। ऐसे में अनावश्यक आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादों व सेवाओं की मांग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय उत्पाद और सेवाओं को अपनाने का संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासी जितना अधिक स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को अपनाएंगे, भारत उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा। उनका जोर आत्मनिर्भरता की उस सोच पर रहा, जिसमें घरेलू उत्पादन, स्थानीय कारोबार और भारतीय उद्यमों को मजबूत करने की बात कही जाती है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के संकल्प को लगातार मजबूत किया जाता रहा तो आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक देश अपने युवाओं को एक विकसित भारत सौंपने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

यह अपील ऐसे समय आई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर ने बाजार की कई चिंताओं के बावजूद मजबूत तस्वीर पेश की है। ऐसे में सरकार घरेलू मांग और देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने को महत्वपूर्ण मान रही है।

7.8% GDP Growth ने बढ़ाई उम्मीद

सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह वृद्धि बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर रही। वैश्विक स्तर पर युद्ध और उससे जुड़ी आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की यह रफ्तार खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इस उपलब्धि का जश्न मनाने के साथ-साथ आगे की चुनौती के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि देश की नीति सही दिशा में है, इरादा स्पष्ट है और 140 करोड़ देशवासियों की एकजुट शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

इससे पहले मई में भी प्रधानमंत्री ने वैश्विक संघर्षों के कारण सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं, कीमतों में बढ़ोतरी और अनिश्चितता के बीच नागरिकों से सामूहिक भागीदारी की अपील की थी। अब 7.8 प्रतिशत की GDP Growth के आंकड़े आने के बाद उनका संदेश उसी आर्थिक रणनीति को आगे बढ़ाता नजर आया—यानी मुश्किल वैश्विक दौर में घरेलू मांग, स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भरता को भारत की ताकत बनाना।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें