नई दिल्ली (Tue, 21 Oct 2025) – दीवाली के रंगीन उत्सव खत्म होते ही Gold and Silver की चमक पर अचानक ब्रेक लग गया। लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही कीमतें अब तेजी से नीचे आ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और त्योहारी सीजन की समाप्ति के कारण बाजार में दबाव बढ़ गया है।
सोना सोमवार को 4,381 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंचने के बाद लगभग 3.8% टूट गया, वहीं चांदी भी 54 डॉलर से गिरकर 50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। चार साल में यह गिरावट सबसे बड़ी मानी जा रही है।
मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती का असर
तकनीकी विश्लेषण बताते हैं कि सोने की कीमत ओवरबॉट (अत्यधिक खरीदी) क्षेत्र में पहुंच चुकी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अब मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया है।
डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए Gold and Silver महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम होने और आगामी शिखर बैठक की खबरों ने भी निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों से हटने के लिए प्रेरित किया।
भारत में भी मांग में कमी
त्योहारी सीजन के खत्म होने के बाद भारत में भी सोने की मांग धीमी हो गई है। यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर Gold and Silver की कीमतों में ठंडक आई है। ब्लूमबर्ग के चार्ट के अनुसार, सोना 4,350 डॉलर से गिरकर लगभग 4,250 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि चांदी 54 डॉलर से 50 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि निकट भविष्य में भी Gold and Silver में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
MCX पर आज का रेट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को Gold Rate Today 1,28,000 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा। इसमें पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले 1,371 रुपए की गिरावट हुई।
चांदी (Silver Rate Today) की कीमत 1,48,508 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो पिछले दिन के मुकाबले 1,819 रुपए कम है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में Gold and Silver बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष:
सोने-चांदी के लिए चार साल की सबसे बड़ी गिरावट ने निवेशकों के लिए चेतावनी दी है। मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और त्योहारी सीजन की समाप्ति के कारण Gold and Silver की कीमतें फिलहाल अनिश्चित हैं।













