गोरखपुर/30 जुलाई 2026: गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर श्रीराम कथा का सात दिवसीय आयोजन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए देश, समाज और सनातन संस्कृति के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में ‘कालनेमि’ जैसे छद्म चेहरे सक्रिय हैं, जो अलग-अलग रूप धारण कर लोगों को भ्रमित करने और भारत की प्रगति को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। ऐसे समय में नागरिकों को सतर्क रहकर राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करनी होगी।
‘कालनेमि’ की तरह भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण का प्रसंग याद दिलाते हुए कहा कि जिस प्रकार कालनेमि ने साधु का वेश धारण कर हनुमान जी को संजीवनी लाने से रोकने का प्रयास किया था, उसी प्रकार वर्तमान समय में भी कुछ लोग अलग-अलग रूपों में समाज को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देश और सनातन संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। समाज की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे लोगों की पहचान करे और उनके भ्रामक प्रयासों से सतर्क रहे।
भारत विरोधी ताकतों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि देश की इस प्रगति से कुछ भारत विरोधी शक्तियां असहज हैं और विभिन्न माध्यमों से अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले देश को नक्सलवाद के जरिए अस्थिर करने का प्रयास किया जाता था। उनके अनुसार, करीब 12 वर्ष पहले 120 जिले नक्सल प्रभावित थे, जबकि अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और नक्सलवाद का प्रभाव काफी हद तक समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब वही शक्तियां नए तरीकों से समाज में विभाजन और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं।
परिवार को बताया बच्चों का पहला विद्यालय
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में परिवार और संस्कारों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता, शिक्षक और बड़े भाई-बहन बच्चों के पहले गुरु होते हैं। यदि परिवार में संवाद और सकारात्मक वातावरण रहेगा तो नई पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़ेगी।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को कम उम्र में स्मार्टफोन की आदत लगाने के बजाय उन्हें संस्कार, अध्ययन और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास करें। इसी क्रम में उन्होंने सप्ताह में एक दिन ‘स्मार्टफोन मुक्त’ रहने का भी आह्वान किया।
वैदिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की वैदिक परंपरा, प्राचीन ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि देशभर में प्राचीन पांडुलिपियों और ताम्रपत्रों के संरक्षण तथा डिजिटलीकरण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें।
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि समाज अपने कर्तव्यों, संस्कारों और राष्ट्रहित के प्रति सजग रहेगा तो भारत की विकास यात्रा को कोई भी शक्ति रोक नहीं सकेगी। वहीं, गोरखनाथ मंदिर श्रीराम कथा का यह सात दिवसीय आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश देकर संपन्न हुआ।











