गोरखपुर, 22 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में करीब 495 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही गोड़धोइया नाला परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। फातिमा हॉस्पिटल और जेल बाईपास के पास परियोजना का जायजा लेने के बाद आयोजित जनसभा में उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में भूमाफियाओं ने सरकारी जमीनों पर गलत इंदराज कर लोगों को गुमराह किया और जमीनें बेचकर उन्हें ठगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ऐसे प्रभावित लोगों को सम्मानजनक मुआवजा देकर न्याय दिलाने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और जागरूकता के कारण ही गोड़धोइया नाला परियोजना आज अपने अंतिम चरण तक पहुंच सकी है।
सपा शासन में जमीन खरीदने वालों को भाजपा सरकार ने दिया मुआवजा
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोगों ने गोड़धोइया नाले के आसपास जमीन खरीदी थी, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार के दौरान भूमाफियाओं ने सरकारी भूमि का गलत इंदराज कर लोगों को धोखे में रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जिन लोगों के नाम जमीन के दस्तावेजों में दर्ज थे, उन्हें नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी भी प्रभावित परिवार को असहाय नहीं छोड़ा और विकास कार्यों के साथ न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया।
जलभराव से मिलेगी स्थायी राहत, 17 वार्डों को होगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले गोड़धोइया नाले की बदहाल स्थिति के कारण गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्ड हर बारिश में जलमग्न हो जाते थे। अब नाले के पुनरोद्धार के बाद स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में लगभग 15 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के दौरान भी इस क्षेत्र में जलभराव नहीं हुआ, क्योंकि नाले ने बारिश का पूरा पानी अपने भीतर समाहित कर लिया।
उन्होंने विश्वास जताया कि शहर के अन्य प्रमुख नालों का भी इसी तरह पुनरोद्धार होने के बाद गोरखपुर में जलभराव की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी।
9.5 किलोमीटर लंबे नाले के साथ सड़क, फुटपाथ और लाइटिंग भी बनेगी
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत 9.50 किलोमीटर लंबा और लगभग 10 मीटर चौड़ा पक्का नाला तैयार किया गया है। इसके साथ 18 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जा रही है, जिससे भविष्य में सीवर का पानी सीधे नाले में नहीं गिरेगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत 36 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), 14 पुल और 61 एमएलडी क्षमता का मास्टर पंप स्टेशन (एमपीएस) तैयार हो चुका है। आगे नाले के दोनों किनारों पर सड़क, फुटपाथ, रेलिंग, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और आवागमन के लिए अतिरिक्त पुलों का निर्माण भी किया जाएगा ताकि यह क्षेत्र सुरक्षित और व्यवस्थित बन सके।
नाले में कूड़ा न फेंकने की अपील, हरियाली बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे नाले में कूड़ा या गंदगी न डालें और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दें। उन्होंने कहा कि यदि इस परियोजना का सही ढंग से संरक्षण किया गया तो आने वाले 50 से 100 वर्षों तक गोरखपुर के उत्तरी हिस्से को जलभराव की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि वर्षा का पानी इस नाले के माध्यम से रामगढ़ताल, तरकुलानी होते हुए राप्ती नदी तक पहुंचेगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन और स्थानीय नागरिकों से नाले के दोनों किनारों पर व्यापक पौधरोपण कर हरित वातावरण विकसित करने का भी आह्वान किया।
तीन लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र की करीब तीन लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर जल निकासी व्यवस्था से लोगों को जलभराव, गंदगी और जलजनित बीमारियों से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में बीते वर्षों में विकसित हुई फोरलेन सड़कें—मोहद्दीपुर-बाईपास, स्पोर्ट्स कॉलेज-बरगदवा, असुरन-मेडिकल कॉलेज और असुरन-पिपराइच मार्ग—ने शहर की तस्वीर बदल दी है। इससे न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि संपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ा है और व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
बारिश शुरू होते ही नागरिकों को पंडाल में बुलाया
जनसभा के दौरान अचानक बारिश शुरू होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाहर खड़े लोगों की चिंता करते हुए उन्हें तुरंत जर्मन हैंगर पंडाल के भीतर आने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल का उपस्थित लोगों ने तालियों और नारों के साथ स्वागत किया। उन्होंने बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने के लिए नागरिकों का आभार भी व्यक्त किया।
रविकिशन और महापौर ने परियोजना को बताया ऐतिहासिक
गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शहर में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं और गोड़धोइया नाला परियोजना इसका प्रमुख उदाहरण है। वहीं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने इसे मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताते हुए कहा कि यह परियोजना गोरखपुर को स्थायी रूप से जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।











